जांजगीर चांपा से सरहद पर तैनात फौजियों के लिए भेजी गई 70 हजार से अधिक राखियां, ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र’ का भव्य आयोजन

छत्तीसगढ़

जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़): देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात फौजी भाइयों के लिए जांजगीर चांपा जिले से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी राखियां भेजी जा रही हैं। सैनिक भाइयों तक रक्षासूत्र पहुंचाने के इस पावन उद्देश्य से चांपा स्थित ऐतिहासिक शहीद चौक में एक विशेष एवं भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न महिला संगठनों की बहनों ने पुलिस अधीक्षक (SP) तथा उपस्थित सेना के जवानों को रक्षासूत्र बांधा। इसके उपरांत महिलाओं द्वारा अपने हाथों से निर्मित 25 हजार राखियों के जत्थे को ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र’ के विशेष वाहन द्वारा नई दिल्ली के लिए सादर रवाना किया गया।

🎖️ पूर्व सैनिकों ने संभाली राष्ट्रव्यापी कमान, देश भर से राखियां एकत्र कर 23 अगस्त से पूर्व दिल्ली पहुंचाने का लक्ष्य

‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ को लेकर महिला संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने अत्यधिक हर्ष व्यक्त किया है।

दरअसल, पूर्व सैनिक संगठन ने देश भर से राखियां संकलित कर उन्हें समय से पूर्व दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। संगठन का लक्ष्य आगामी 23 अगस्त से पूर्व इन समस्त राखियों को दिल्ली पहुंचाना है। पूर्व सैनिकों ने चार वर्ष पूर्व देश भर की बहनों को जोड़कर यह अनूठी राष्ट्रभक्ति मुहिम शुरू की थी, जो आज एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है।

❤️ ‘सैनिक भाई देश की आन-बान-शान हैं’, समाजसेवी महिला नेहा अविनाश अग्रवाल ने जताया आभार

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी महिला नेहा अविनाश अग्रवाल ने भावुक होते हुए कहा कि, “कहते हैं इंतजार का फल मीठा होता है। हम विगत चार वर्षों से फौजी भाइयों के लिए राखियां भेज रहे हैं। आज स्वयं फौजी भाई हमारे बीच उपस्थित हुए हैं। चांपा में रुककर राखी संकलन का यह कार्यक्रम रखा गया, जिसमें समस्त नगरवासियों का भरपूर सहयोग मिला। जुग-जुग जिएं मेरे सैनिक भाई, वे हमारे देश का स्वाभिमान हैं; उन्हीं से भारत देश की आन, बान और शान कायम है।”

🫡 जांजगीर चांपा जिले से भेजी जा रही हैं 70 हजार से अधिक राखियां, महेंद्र प्रताप सिंह ने की सराहना

कार्यक्रम में उपस्थित महेंद्र प्रताप सिंह ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, “जिस राष्ट्र में सरहद के रक्षकों का सम्मान और पूजन होता है, वह राष्ट्र सदैव सुरक्षित और अखंड रहता है।”

उन्होंने जानकारी दी कि अकेले जांजगीर चांपा जिले से विभिन्न संगठनों और आम बहनों के सहयोग से 70 हजार से अधिक राखियां फौजी भाइयों के लिए भेजी जा रही हैं। पूर्व सैनिकों और बहनों का यह पावन मेल देश प्रेम और भारतीय संस्कृति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry