छत्तीसगढ़ में 22 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की धान खरीदी, 1 लाख 52 हजार क्विंटल अवैध धान जब्त

छत्तीसगढ़

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई. शुरुआत में सहकारी समितियों के हड़ताल के कारण धीमी गति से चल रही धान खरीदी में अब काफी तेजी आ गई है. कई जिलों में धान खरीदी लक्ष्य के करीब पहुंच गई है. 5 दिसंबर 2025 तक 22 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की धान खरीदी प्रदेशभर में हुई है. जिसके लिए किसानों को 5277 करोड़ रुपये का भुगतान सरकार ने किया है. 31 जनवरी 2026 तक किसानों से धान खरीदी जारी रहेगी.

अवैध धान के भंडारण, परिवहन पर कार्रवाई

धान खरीदी के साथ ही अवैध धान पर भी सरकार की नजर है. धान खरीदी शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने मार्कफेड ( राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड) के जरिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट बनाकर अवैध धान जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी. पिछले एक नवंबर से 6 दिसंबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख 51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है. मार्कफेड ने ये आंकड़े जारी किए हैं.

कहां कितना अवैध धान जब्त

  • महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त
  • धमतरी में 23,859 क्विंटल धान जब्त
  • रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल धान जब्त
  • राजनांदगांव 14,977 क्विंटल धान जब्त
  • बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल धान जब्त
  • बेमेतरा में 6490 क्विंटल धान जब्त
  • कवर्धा में 5734 क्विंटल धान जब्त
  • बालोद में 4595 क्विंटल धान जब्त
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल धान जब्त
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल धान जब्त
  • जशपुर जिले में 2771 क्विंटल
  • सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल
  • दुर्ग में 2350 क्विंटल
  • जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल
  • बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल
  • बीजापुर जिले में 1842 क्विंटल
  • रायपुर में 1679 क्विंटल
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल
  • मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल
  • बस्तर जिले में 1560 क्विंटल
  • मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल
  • गरियाबंद में 1393 क्विंटल
  • कोरबा में 1346 क्विंटल
  • सरगुजा में 1282 क्विंटल
  • कोरिया में 1237 क्विंटल
  • सक्ती में 1201 क्विंटल
  • कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल
  • बिलासपुर में 1060 क्विंटल
  • कांकेर जिले में 1012 क्विंटल धान
  • मुंगेली में 917 क्विंटल
  • दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल
  • नारायणपुर में 323 क्विंटल
  • सुकमा में 216 क्विंटल धान

मार्कफेड क्या है

मार्कफेड यानी राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेडय यह राज्यों में किसानों के लिए काम करने वाली एक महत्वपूर्वण संस्था है. इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, उर्वरक, कीटनाशक बांटने और न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत फसलों की खरीद करने में मदद करना है.

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है. साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है.

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