उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पड़री थाना क्षेत्र के लोकापुर गांव के रहने वाले एक किसान को आयकर विभाग की ओर से 41 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन और लगभग 7 करोड़ रुपये जीएसटी जमा करने का नोटिस मिला है। एक साधारण किसान के लिए इतनी बड़ी रकम का नोटिस मिलने से उसका पूरा परिवार सदमे में है।
🏦 नौकरी के नाम पर हुआ बड़ा फ्रॉड
पीड़ित किसान श्याम बाबू बिंद ने बताया कि वर्ष 2021 में वह अपने साले के साथ रोजगार की तलाश में गाजियाबाद गए थे। वहां साले ने उन्हें नौकरी का झांसा देकर बैंक खाता खुलवाने को कहा। आरोप है कि दिल्ली में खाता खुलवाने के बाद उनसे चेकबुक पर हस्ताक्षर करवा लिए गए, लेकिन उन्हें न तो पासबुक दी गई और न ही खाते का कोई एक्सेस दिया गया। कुछ समय बाद जब नौकरी नहीं मिली, तो वह वापस अपने गांव लौट आए।
📝 तीन साल बाद घर पहुंचा नोटिस
करीब तीन साल बाद अचानक आयकर विभाग का नोटिस मिलने पर किसान के होश उड़ गए। नोटिस में दावा किया गया है कि उनके बैंक खाते के जरिए 41 करोड़ रुपये का बड़ा लेनदेन हुआ है और उन पर 7 करोड़ रुपये जीएसटी का बकाया है। पीड़ित का कहना है कि वह एक छोटा किसान हैं जो खेती कर अपने चार बच्चों का भरण-पोषण करते हैं, ऐसे में इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना तो दूर, इतनी बड़ी रकम के बारे में सोचना भी उनके लिए असंभव है।
👮 पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
किसान ने पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि किसी ने उनके बैंक खाते का गलत इस्तेमाल कर बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। किसान ने प्रशासन से मांग की है कि इस फर्जीवाड़े की सच्चाई सामने लाई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
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