संभल में पति की हत्या का मामला, नाबालिग बेटी के बयान ने खोले अहम राज

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के संभल से भी मेरठ के सौरभ राजपूत जैसा हत्याकांड देखने को मिला. यहां एक महिला ने तीन युवकों संग मिलकर अपने ही पति को मार डाला. फिर लाश के टुकड़े कर उन्हें पॉलिथिन में भरकर अलग-अलग जगह फेंक दिया. अब इस केस में मृतक की 10 वर्षीय बेटी ने कई भेद खोले हैं. उसने कहा- मम्मी और उन तीन अंकल को फांसी दो. मेरे पापा को उन्होंने मारा है.

दरअसल, 15 दिसंबर की सुबह पतरौआ रोड स्थित ईदगाह के पास नाले में एक युवक का टुकड़ों में कटा शव मिला था. उसमें सिर और कुछ अंग नहीं था. मगर बाजू का टुकड़ा जरूर था. उस बाजू में ‘राहुल’ गुदा हुआ था. इसी टैटू की मदद से पुलिस ने मृतक के बारे में डिटेल निकलवाई. शव की पहचान रजपुरा थाना क्षेत्र के कस्बा गंवा निवासी 40 वर्षीय राहुल पुत्र जसवंत के रूप में हुई.

घर से बरामद हुए हत्या से जुड़े अहम सबूत

जांच में सामने आया कि राहुल 18 नवंबर से लापता था. उसकी पत्नी रूबी ने 24 नवंबर को कोतवाली चंदौसी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस को शुरू से ही पत्नी की भूमिका संदिग्ध लगी, जिसके बाद गहन जांच शुरू की गई. रविवार को पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और घर से स्कूटी, बैग, शौचालय का ब्रश, लोहे की रॉड और बिजली हीटर जैसे अहम सबूत बरामद किए. पुलिस को शक हुआ कि इन्हीं औजारों से राहुल की हत्या कर शव के टुकड़े किए गए.

हाथ-पैर और सिर की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद शव को कई हिस्सों में काटकर अलग-अलग जगह फेंका गया. फिलहाल हाथ, पैर और सिर की तलाश जारी है. पत्नी रूबी, उसके प्रेमी और एक अन्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

10 साल की बेटी ने खोली मां की पोल

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा मृतक की 10 वर्षीय बेटी ने किया. बच्ची ने पुलिस को बताया- मम्मी-पापा के बीच अक्सर झगड़े होते थे. गौरव, सौरभ और अभिषेक नाम के लोग हमारे घर आते थे. वो हमारे लिए चॉकलेट लाते थे. पापा की गैरमौजूदगी में वो तीनों मां से मिलते थे. बेटी के अनुसार, अभिषेक अक्सर कहता था- बस कुछ महीने की बात है, फिर मैं ही तुम्हें पा लूंगा. मासूम बच्ची ने बताया कि जब भी ये लोग आते, मुझे और मेरे भाई को किसी बहाने कमरे से बाहर भेज दिया जाता था.

स्कूल में थे बच्चे, उसी दिन हुई वारदात

बच्ची ने बताया कि जिस दिन हत्या हुई, वो और उसका भाई स्कूल में थे. जब वो दोनों इन लोगों को घर आने से रोकते थे तो मां उन्हें धमकाती थी. बेटी ने कहा कि उसकी मां और सभी आरोपियों को फांसी मिलनी चाहिए. उसने साफ कहा- मेरी मां को ले जाओ और तीनों अंकल को भी ले जाओ, सभी को सजा मिलनी चाहिए. बच्ची का बयान इस केस की सबसे मजबूत कड़ी बनकर सामने आया है.

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