मेरठ कैंट क्षेत्र में अब ब्रिटिश दौर के नाम इतिहास बन जाएंगे और उनकी जगह भारतीय महापुरुषों के नाम गूंजेंगे. बीते बुधवार को कैंट बोर्ड की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने की. बैठक में तय किया गया कि पहले कागजों में बदले जा चुके नामों को अब जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा.
इसके तहत आरए (रॉयल आर्टिलरी) बाजार का नाम बदलकर सुभाष बाजार, बीआई (ब्रिटिश इन्फेंट्री) लालकुर्ती को जवाहर नगर और बीसी (ब्रिटिश कैवेलरी) रजबन को शिवाजी नगर किया जाएगा. इन नए नामों के प्रचार-प्रसार के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर साइन बोर्ड और होर्डिंग्स लगाए जाएंगे.
कैंट बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों के नाम अभी तक नहीं बदले गए हैं, उनके लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो जल्द ही नए नामों को लागू करेगी. पूरे छावनी क्षेत्र में एक समान डिजाइन और रंग के बोर्ड लगाने की योजना भी बनाई गई है, ताकि नई पहचान स्पष्ट रूप से नजर आए.
बैठक में विकास और सुविधाओं को लेकर भी कई बड़े निर्णय लिए गए. स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच वार्डों में कूड़ा संग्रह और सफाई के लिए 20.37 करोड़ रुपये के ठेके को मंजूरी दी गई. इसके अलावा मिलिट्री कंजर्वेसी सेवाओं और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया.
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को दुरुस्त करने और नए सिस्टम लगाने का फैसला लिया गया है. स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए छावनी जनरल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी.
पर्यावरण संरक्षण के तहत बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी. कुल मिलाकर, कैंट बोर्ड के ये फैसले मेरठ कैंट को नई पहचान देने और विकास की दिशा में तेजी लाने के लिए अहम माने जा रहे हैं.
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