मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: पेट्रोल पंप ड्राई होने से बढ़ी कालाबाजारी, केल्हारी में ₹150 तक पहुंचा रेट

छत्तीसगढ़

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: एमसीबी के केल्हारी इलाके में पेट्रोल संकट पैदा हो गया है। लोगों को रोजमर्रा की जरूरत के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में पेट्रोल की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि खुले बाजार में पेट्रोल 130 रुपये से 150 रुपये प्रति लीटर तक मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है। इससे वाहन चालकों, किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

⏳ पेट्रोल पंप हुए ड्राई: एक महीने से आपूर्ति बाधित, कतारों में लग रहे लोग

मिली जानकारी के मुताबिक, केल्हारी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर पिछले लगभग एक महीने से पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। दूसरे संचालित पेट्रोल पंप पर भी बेहद सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंप संचालक केवल 50 और 100 रुपये का ही पेट्रोल दे रहे हैं, जिससे घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद लोगों को अपनी जरूरत के मुताबिक ईंधन नहीं मिल पा रहा है।

🚜 जनजीवन और खेती प्रभावित: ग्रामीण इलाकों में सबसे बुरा हाल

पेट्रोल की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों के लोगों को उठानी पड़ रही है। लोग इलाज, बाजार और खेती-किसानी के लिए अपने वाहनों पर निर्भर हैं, लेकिन पेट्रोल न मिलने से उनकी दिनचर्या ठप हो गई है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर तक भटकना पड़ रहा है, फिर भी पर्याप्त पेट्रोल नहीं मिल पा रहा। स्थानीय निवासी रमेश का कहना है कि महंगे दामों पर ब्लैक में तेल खरीदना उनकी मजबूरी बन गई है।

🚩 कालाबाजारी का आरोप: एमपी बॉर्डर पर रेट हाई होने से बढ़ी तस्करी

ग्रामीणों का आरोप है कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल की कीमत अधिक होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी कालाबाजारी तेजी से बढ़ गई है। कुछ लोग अवैध तरीके से स्टॉक जमा कर रहे हैं और उसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इस वजह से पेट्रोल पंपों पर कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा हो रही है। निवासियों ने प्रशासन की कमजोर निगरानी को इस संकट और अवैध बिक्री का मुख्य कारण बताया है।

📋 प्रशासन सख्त: एसडीएम ने खाद्य विभाग को दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश

मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। केल्हारी की एसडीएम इंद्रा मिश्रा ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कालाबाजारी, जमाखोरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब क्षेत्र की जनता की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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