पानीपत (हरियाणा): औद्योगिक नगरी पानीपत के किशनपुरा इलाके की गली नंबर-5 में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक प्लास्टिक के कट्टे (बोरे) में बंद जीवित नवजात शिशु मिलने से सनसनी फैल गई।
अमानवीयता की हदें पार करते हुए नवजात लड़के को जन्म के तुरंत बाद प्लास्टिक के बोरे में पैक कर सड़क किनारे फेंक दिया गया था। इस घटना के सामने आते ही आसपास के लोग स्तब्ध रह गए।
📦 स्थानीय निवासी अक्षय जिंदल ने कट्टा खोलकर बचाई मासूम की जान, पुलिस को दी सूचना
इस हृदयविदारक घटना को सबसे पहले स्थानीय निवासी अक्षय जिंदल ने देखा।
संदिग्ध अवस्था में सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक के कट्टे से हलचल महसूस होने पर उन्होंने उसे खोलकर देखा, तो अंदर जीवित नवजात बच्चा तड़प रहा था। बच्चे को सांसें लेता देख अक्षय जिंदल ने बिना समय गंवाए तत्काल स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित किया। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में लिया।
📹 समाजसेवी सविता आर्य ने खंगाले CCTV कैमरे, 4 घंटे के भीतर बेनकाब हुई कलयुगी मां
घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी सविता आर्य तुरंत मौके पर पहुंचीं और पुलिस के साथ मिलकर शिवनगर कॉलोनी व आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की जांच शुरू की।
फुटेज खंगालने पर एक महिला संदिग्ध अवस्था में बच्चे को ले जाती हुई दिखाई दी। इसके आधार पर पुलिस व समाजसेवी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 4 घंटे के भीतर आरोपी महिला का पता लगा लिया। जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और उसने जन्म के महज 1 घंटे बाद ही अपने कलेजे के टुकड़े को कट्टे में बंद कर फेंक दिया था।
🏥 लोक-लाज के भय से फेंका था बच्चा, अस्पताल में चल रहा जच्चा-बच्चा का इलाज
पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि महिला विधवा है और उसकी पहले से चार बेटियां हैं।
पति की मृत्यु के पश्चात महिला किसी रिश्तेदार के संपर्क में आई, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। गर्भवती होने के बाद संबंधित पुरुष उसे अकेला छोड़कर फरार हो गया। समाज और लोक-लाज के डर से महिला ने बच्चे को जन्म देते ही झाड़ियों/सड़क किनारे फेंक दिया। फिलहाल पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पानीपत के सामान्य (सिविल) अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में जच्चा और बच्चा दोनों का उपचार जारी है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad