जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सुरक्षाबलों को दो बड़ी कामयाबी मिली हैं. एक ओर सेना ने सुंदरबनी में एलओसी पर आतंकी घुसपैठ की कोशिश नाकाम की है. दूसरी ओर जिले में ही पुलिस ने 54 राष्ट्रीय राइफल्स (रोमियो फोर्स) के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. जिसमें आतंकियों का एक मददगार गिरफ्तार किया गया है.
सबसे पहले बात करते हैं एलओसी पर नाकाम की गई घुसपैठ की. 19 फरवरी को खुफिया इनपुट और लगातार निगरानी के आधार पर नथुआ टिब्बा इलाके में आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि देखी गई. जानकारी मिलते ही सेना की सतर्क टुकड़ियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जवाबी फायरिंग की. सेना की तेज और सटीक कार्रवाई के चलते आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश विफल हो गई.
पूरे सेक्टर में हाई लेवल का ऑपरेशनल अलर्ट
फिलहाल इलाके में तलाशी और निगरानी अभियान जारी है. सेना ने बताया कि स्थिति को देखते हुए जवानों को रणनीतिक रूप से पुनः तैनात किया गया है. ताकि पूरे क्षेत्र पर कड़ी नजर रखी जा सके. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे सेक्टर में हाई लेवल का ऑपरेशनल अलर्ट जारी रखा है.
उधर, राजौरी पुलिस ने 54 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इसमें आतंकियों के मददगार सचिन कुमार उर्फ पम्मा पुत्र सीजॉय कुमार को अरेस्ट किया गया है. वो नौशेरा के सेहर का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई विशेष खुफिया सूचना के आधार पर तेज और सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई.
हथियार और गोला-बारूद बरामद
ऑपरेशन के दौरान आरोपी की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया. उसके पास से एक TISAS ZIGANA 9 मिमी पिस्टल, तीन मैगजीन, एक .30 बोर TT-30 नोरिन्को पिस्टल, उसकी एक मैगजीन, 15 कारतूस मिले हैं. बरामद हथियारों के विदेशी निर्माण के होने से सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं. इस संबंध में नौशेरा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित सीमा पार नार्को-टेरर ऑपरेटिव के सीधे संपर्क में था. सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और संभावित साजिश के अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं. अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में शांति भंग करने की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेंगे.
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