Mahasamund Ropeway Accident: महासमुंद में रोपवे टूटने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; पुलिस ने संचालक सहित 2 पर दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में खल्लारी मंदिर है. यहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं. नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है. इसी बीच, चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन बीते रविवार को यहां दर्दनाक रोपवे हादसा हुआ. इस हादसे में एक और मौत हो गई है और मौतों का आंकड़ा बढ़कर दो पहुंच गया है. वहीं, कई घायल भी हैं.

इस हादसे में घायल 47 साल के गोविंद स्वामी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वे गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर थे और मंगलवार रात करीब 9 बजे उनका निधन हो गया. इससे पहले इस हादसे में 28 वर्षीय शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत हो चुकी थी. इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है.

कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा रविवार 22 मार्च की सुबह हुआ था. रायपुर के राजातालाब क्षेत्र से आए कुछ श्रद्धालु खल्लारी माता के दर्शन के बाद रोपवे ट्रॉली के जरिए नीचे लौट रहे थे. इसी दौरान अचानक रोपवे का केबल टूट गया, जिससे एक ट्रॉली अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जबकि दूसरी ट्रॉली स्टेशन से टकरा गई.

हादसे के वक्त ट्रॉली में नमिता स्वामी, ऋषभ धावरे, छायांश धावरे, आयुषी धावरे, मानसी गोडरिया, अंशुमिता स्वामी और गोविंद स्वामी सहित कई लोग सवार थे. इस दुर्घटना में कुल 16 श्रद्धालु घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है.

4 महीने पहले ही हुई थी शादी

मृतका आयुषी धावरे पाटन स्थित आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका थीं और रायपुर के राजातालाब में रहती थीं. उनकी शादी महज चार महीने पहले ही हुई थी. वहीं, गोविंद स्वामी की पत्नी नमिता स्वामी और बेटी अंशुमिता की हालत भी नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज निजी अस्पताल में जारी है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोपवे की दो ट्रॉलियां इस हादसे का शिकार हुईं. एक ट्रॉली करीब 20 फीट नीचे चट्टानों से टकराई, जिससे उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं. दूसरी ट्रॉली भी असंतुलित होकर गिर गई, हालांकि उसमें सवार लोगों को अपेक्षाकृत कम चोटें आईं.

हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया.

रोपवे के रखरखाव में लापरवाही के आरोप

स्थानीय लोगों ने रोपवे के रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि यदि समय पर मेंटेनेंस किया जाता तो इस हादसे से बचा जा सकता था. प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

खल्लारी माता मंदिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. नवरात्रि के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और हर साल चैत्र पूर्णिमा पर यहां भव्य मेला भी आयोजित होता है. खल्लारी देवी ट्रस्ट ने रोप वे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता और रोपवे संचालन में लगे स्थानीय कर्मचारी बीरबल जंघेल, रामेश्वर यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है.

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