पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। फडणवीस सरकार ने सरकारी खर्चों और संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विभागों को इस गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। नए नियमों के तहत अब अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने को कहा गया है ताकि पेट्रोल-डीजल की खपत कम की जा सके।
🚆 मंत्रियों के काफिले में 50% की कटौती: चार्टर्ड प्लेन और विदेशी दौरों पर लगा प्रतिबंध
मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में 50 फीसदी की कटौती की गई है। इन लोगों को लोकल ट्रेनों, बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने का आदेश दिया गया है। सरकारी और चार्टर्ड विमानों के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब मंत्रियों के लिए सरकारी या चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमाल वर्जित रहेगा; केवल आपातकालीन स्थिति में मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही इसकी अनुमति मिल सकेगी। इसके अलावा सभी गैर-जरूरी विदेशी दौरों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
🏍️ सादगी की मिसाल: सीएम फडणवीस खुद बुलेट से पहुंचे विधानभवन
नई गाइडलाइंस में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। मंत्रियों और अधिकारियों को पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों के बजाय ई-वाहनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और उद्योग मंत्री उदय सामंत ने इलेक्ट्रिक कार से सफर करना शुरू कर दिया है। इसी बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद बुलेट चलाकर विधानभवन पहुंचे, उनके साथ कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार भी मौजूद थे।
💻 डिजिटल कामकाज पर जोर: नितेश राणे ने बैठकों को ऑनलाइन करने के दिए निर्देश
पीएम मोदी की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने ऑनलाइन कार्य करने की कार्यप्रणाली को अपनाने का आदेश दिया है। सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने पर जोर दिया गया है और PNG गैस व ‘सूर्यघर’ योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने मत्स्य विकास और बंदरगाह विभाग को अहम निर्देश जारी किए हैं कि विभाग की सभी बैठकें अब केवल ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएंगी।
🌿 पर्यावरण संरक्षण और बचत का लक्ष्य: पश्चिम एशिया संकट के बीच उठाया कदम
नितेश राणे ने अधिकारियों को पेट्रोल और डीजल वाहनों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ सरकारी खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों देशवासियों से ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण की अपील की थी, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने मिशन मोड में अपना लिया है।
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