Maharashtra Mahila Kisan Sashaktikaran Bill: महिला किसानों को मिलेगा स्वतंत्र दर्जा; महाराष्ट्र सरकार का ऐतिहासिक विधेयक मंजूर

महाराष्ट्र

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक, 2026’ के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई है। राज्य में कृषि कार्यों में महिलाओं का योगदान 81% से अधिक है, लेकिन अब तक उन्हें औपचारिक रूप से वे अधिकार नहीं मिल पा रहे थे जो पुरुष किसानों को मिलते थे। यह विधेयक आगामी मॉनसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।

📜 ‘महिला किसान प्रमाण-पत्र’ और इसके लाभ

इस विधेयक का सबसे बड़ा पहलू यह है कि अब उन महिलाओं को भी ‘स्वतंत्र महिला किसान’ का दर्जा मिलेगा जिनके नाम पर जमीन नहीं है। सरकार इसके लिए एक आधिकारिक ‘महिला किसान प्रमाण-पत्र’ जारी करेगी। इस प्रमाण-पत्र के माध्यम से महिलाएं निम्नलिखित लाभ सीधे उठा सकेंगी:

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) प्राप्त करना।

  • सरकारी सब्सिडी और फसल बीमा का सीधा लाभ।

  • आसान शर्तों पर कृषि ऋण।

  • डेयरी, पशुपालन और मछली पालन जैसे कृषि-संबद्ध क्षेत्रों में सरकारी सहायता।

📊 डिजिटल डेटाबेस और सहायता तंत्र

सरकार ने महिला किसानों के लिए एक विशेष ‘महाराष्ट्र राज्य महिला किसान कोष’ बनाने और उनका एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार करने का निर्णय लिया है। जमीनी स्तर पर इसे लागू करने के लिए जिला और तालुका स्तर पर ‘महिला किसान सहायता अधिकारी’ नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

🌾 कृषि और किसान की बदलती परिभाषा

इस विधेयक में ‘कृषि’ और ‘किसान’ की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें न केवल जमीन के मालिक, बल्कि बटाईदार, खेतिहर मजदूर और मौसमी प्रवासी महिला श्रमिकों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह कानून कृषि क्षेत्र में लैंगिक समानता का एक नया मानक स्थापित करेगा और लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा।

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