Mahakumbh 2025 में चलेगा टेक्नोलॉजी का जादू, नए तरीके से देखें पेशवाई, शाही स्नान और गंगा आरती

टेक्नोलॉजी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाला महाकुंभ 2025 न केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव होगा, बल्कि यह आध्यात्म और टेक्नोलॉजी का अनोखा संगम भी पेश करेगा. महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल बाद होता है, जो दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. इस बार का महाकुंभ खास होगा, क्योंकि इसमें परंपरागत धार्मिक आयोजनों के साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी को भी जोड़ा जा रहा है. महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से होगी और यह 26 फरवरी तक चलेगा.

आयोजकों ने इस महापर्व को बेहद मॉडर्न और एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस करने का प्लान बनाया है. इससे श्रद्धालुओं के लिए महाकुंभ में आना और यहां के आयोजन को देखना आसान होगा. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उन तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए वर्चुअल रियलिटी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा.

360 डिग्री वर्चुअल रियलिटी स्टॉल्स

महाकुंभ में पेशवाई, शाही स्नान, गंगा आरती आदि को बिलकुल नए अंदाज में देखने को मौका मिलेगा. यहां श्रद्धालुओं के लिए 10 स्पेशल वर्चुअल रियलिटी (VR) स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पेशवाई (अखाड़ों की भव्य शोभायात्रा), शाही स्नान, गंगा आरती और अन्य बड़े आयोजनों को 360 डिग्री एक्सपीरियंस के साथ दिखाया जाएगा. ये स्टॉल्स मेले की खास जगहों पर लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन के हर पल का आनंद ले सकें.

साइबर सिक्योरिटी पर खास ध्यान

महाकुंभ में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष साइबर सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

साइबर पुलिस स्टेशन: साइबर अपराधों जैसे फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया स्कैम और नकली लिंक की रोकथाम के लिए साइबर पुलिस थाना बनाया गया है.

56 साइबर योद्धा: ऑनलाइन खतरों की निगरानी के लिए 56 साइबर डेडिकेटेड साइबर वॉरियर्स की तैनाती की गई है.

VMD (वेरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले): मेले में और आसपास 40 डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जो साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी जागरूकता फैलाएंगे.

हेल्पलाइन 1920: श्रद्धालुओं की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है.

महाकुंभ का लाइव स्ट्रीम

अगर आप महाकुंभ में नहीं जा पा रहे हैं, तो टेंशन न लें. सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो (AIR) पर महाकुंभ 2025 के अलग-अलग कार्यक्रमों को लाइव स्ट्रीम किया जाएगा. इससे लोग घर बैठे भी महाकुंभ की भव्यता को निहार पाएंगे.

परंपरा और टेक्नोलॉजी का संगम

महाकुंभ 2025 न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और संस्कृति का केंद्र बनेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी के नए आयाम भी जोड़ेगा. वर्चुअल एक्सपीरियंस, साइबर सिक्योरिटी और लाइव स्ट्रीम के जरिए यह महाकुंभ परंपरा और मॉडर्निटी का बेहतरीन उदाहरण साबित होगा.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry