उज्जैन: धार्मिक नगरी उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पिछले तीन दिनों में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। अधिकमास के अंतिम दिन सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और सप्ताहांत (शनिवार, रविवार, सोमवार) की छुट्टियों के कारण बाबा महाकाल के दरबार में दर्शनार्थियों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
📊 बीते 3 दिनों का रिकॉर्ड डेटा
मंदिर प्रबंध समिति द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भक्तों की संख्या का विवरण इस प्रकार है:
| दिनांक | श्रद्धालुओं की संख्या |
| 13 जून 2026 | 2,36,975 |
| 14 जून 2026 | 2,47,894 |
| 15 जून 2026 | 2,61,781 |
| कुल | 7,46,650 |
💰 महाकाल दर्शन और अर्थव्यवस्था का कनेक्शन
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के अनुसार, उज्जैन में अब प्रतिदिन 2 लाख दर्शनार्थियों का आना सामान्य हो गया है। एक दर्शनार्थी औसतन 1000 से 1500 रुपये यात्रा, भोजन, प्रसाद, परिवहन और ठहरने पर खर्च करता है। इस हिसाब से, शहर को हर दिन लगभग 20 से 30 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हो रहा है। बीते तीन दिनों में यह आंकड़ा 80 से 120 करोड़ रुपये के बीच माना जा सकता है, जो स्थानीय व्यापार के लिए एक बड़ा वरदान है।
✨ अधिकमास और सोमवती अमावस्या का महत्व
पुजारी महेश गुरु ने बताया कि सनातन धर्म में अधिकमास का विशेष महत्व है। इस बार अधिकमास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बना, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है। यह समय सूर्य और चंद्रमा के बीच संतुलन बनाने की एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है।
🛡️ सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था
प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पेयजल, चिकित्सा सहायता, और सुगम दर्शन व्यवस्था के लिए विशेष टीम तैनात की गई थी। जिला प्रशासन और मंदिर समिति की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के कारण लाखों भक्तों ने शांतिपूर्ण तरीके से बाबा महाकाल के दर्शन लाभ प्राप्त किए।
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