भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद हैरान और आक्रोशित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मिसरोद थाना क्षेत्र में आदिवासी छात्रों द्वारा अपनी संस्कृति के अभिवादन ‘जय जोहार’ कहने पर थाना प्रभारी ने उन पर अभद्र टिप्पणियां की और जमकर गाली-गलौज की। इस संवेदनहीन और निंदनीय कृत्य को अंजाम देने वाले मिसरोद थाने के प्रभारी (टीआई) रतन सिंह परिहार के खिलाफ राज्य शासन ने सख्त एक्शन लेते हुए उन्हें बुधवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर द्वारा इस मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कड़ी नजर रखी है।
📢 गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुआ विवाद, टीआई की भाषा पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को भोपाल के मिसरोद इलाके में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्टूडेंट विंग के कार्यकर्ता और छात्र अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान जब छात्रों ने पुलिसकर्मियों का अभिवादन ‘जय जोहार’ कहकर किया, तो टीआई रतन सिंह परिहार अचानक तैश में आ गए। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें टीआई छात्रों के प्रति बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते और यह कहते सुने जा रहे हैं कि ‘यहीं कूट दूंगा’। इस घटना के सामने आने के बाद आदिवासी संगठनों और जनप्रतिनिधियों में भारी रोष व्याप्त हो गया।
⚖️ विपक्ष ने सरकार को घेरा: उमंग सिंघार और जीतू पटवारी ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के तूल पकड़ते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसे बेहद गंभीर और निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि ‘जय जोहार’ केवल एक अभिवादन नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, स्वाभिमान और भाईचारे का प्रतीक है, और लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ इस तरह की अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की पुरजोर मांग की है। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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