लुधियान: कमिश्नरेट पुलिस लुधियाना द्वारा पुलिस मुलाजिमों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस लाइंस में ‘हरनेक फाउंडेशन’ के सहयोग से आयोजित इस सत्र में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जेंडर सेंसिटाइजेशन (लिंग संवेदीकरण) के प्रति जागरूक किया गया। इस विशेष सत्र में एडीसीपी ट्रैफिक और एसीपी हेडक्वार्टर ने विशेष रूप से शिरकत की और जवानों का मार्गदर्शन किया।
समानता और सम्मान का पाठ :
बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज में महिला-पुरुष समानता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली में भी झलकनी चाहिए। पुलिस कर्मियों को सिखाया गया कि ड्यूटी के दौरान महिलाओं और अन्य जेंडर से संबंधित मुद्दों को अत्यंत संवेदनशीलता और सावधानी से कैसे हैंडल किया जाए। उन्हें बताया गया कि थाने या फील्ड में आने वाली महिलाओं के साथ व्यवहार करते समय सम्मान और शालीनता का खास ध्यान रखा जाए, ताकि जनता के बीच पुलिस की छवि और बेहतर हो सके।
बदलेगा पुलिस का नजरिया :
एडीसीपी ट्रैफिक ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सुरक्षित महसूस कराना भी है। जेंडर से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। हरनेक फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी आधुनिक समाज में लिंग आधारित भेदभाव को खत्म करने और पुलिस कर्मियों को मानसिक रूप से अधिक संवेदनशील बनाने के लिए विभिन्न उदाहरणों के जरिए ट्रेनिंग दी।
जनता और पुलिस के बीच बढ़ेगा तालमेल :
इस सत्र का मुख्य लक्ष्य पुलिस कर्मियों के नजरिए में बदलाव लाना था ताकि वे जेंडर से संबंधित मामलों की जांच और शिकायतकर्ताओं के साथ बातचीत करते समय अधिक पेशेवर और सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास और तालमेल भी मजबूत होगा। पुलिस विभाग ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता सत्र जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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