लुधियाना/दोराहा: पंजाब राज्य मानवाधिकार कमीशन ने एक गंभीर मामले में संज्ञान लेते हुए लुधियाना के सिविल सर्जन को 14 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। मामला एक बेकसूर व्यक्ति के सरकारी दस्तावेजों और का दुरुपयोग कर उसे सरकारी रिकॉर्ड में ‘ड्रग एडिक्ट’ (नशेड़ी) घोषित करने का है। कमीशन ने इससे पूर्व मांगी गई रिपोर्ट न सौंपने पर नाराजगी जाहिर की है।
📋 क्या है पूरा मामला?
यह मामला खन्ना के गांव बीजा के निवासी तरसेम भारद्वाज की शिकायत से जुड़ा है। पीड़ित के अनुसार, जब वह हथियार के लाइसेंस के लिए डोप टेस्ट (Dope Test) करवाने गया, तो उसे पता चला कि उसके का गलत इस्तेमाल कर एक नशा मुक्ति केंद्र ने उसके नाम पर करीब 100 गोलियां जारी कर दी हैं। रिकॉर्ड में उसे ‘ड्रग एडिक्ट’ दर्शाया गया, जिससे उसकी साख को भारी नुकसान पहुँचा। पीड़ित ने इसके खिलाफ ह्यूमन राइट्स कमीशन और डीआईजी लुधियाना रेंज से न्याय की गुहार लगाई थी।
⚠️ कमीशन का सख्त रुख
आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि इससे पहले भी सेहत और परिवार भलाई डायरेक्टर और लुधियाना के सिविल सर्जन से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन विभाग द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। अब कमीशन ने सख्ती दिखाते हुए सिविल सर्जन को 14 अगस्त को सभी दस्तावेजों और पूरी रिपोर्ट के साथ निजी तौर पर पेश होने के निर्देश दिए हैं।
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