दमोहः मध्यप्रदेश के दमोह जिले में से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां लोकायुक्त पुलिस बड़ी कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तीन बाबूओं को 80 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। दरअसल, इन्होंने एक शिक्षक से उनकी निलंबन अवधि से बहाली कराने और विभागीय जांच समाप्त करवाने के एवज में 1 लाख रुपए की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, आवेदक निवासी ग्राम करैया जोशी, तहसील हटा, नवेन्द्र कुमार आठया, पिता गिरधारी लाल आठया ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि डीईओ ऑफिस के तीन बाबूओं ने उनकी निलंबन अवधि से बहाली कराने और विभागीय जांच समाप्त करवाने के एवज में 1 लाख रुपए की मांग की गई। लेकिन, वह इसके लिए उन्हें रिश्वत नहीं देना चाहते है। बताया कि वह प्राथमिक शिक्षक विज्ञान विषय के हैं और वर्तमान में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेरा, जिला दमोह में कार्यरत हैं।
मामले में शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम के संरक्षण में 80 हजार रुपए रिश्वत देने की योजना बनाई गई। इस योजना के तहत जैसे ही डीईओ ऑफिस में अटैच बाबू अनिल कुमार साहू माध्यमिक शिक्षक, मनोज कुमार श्रीवास्तव सहायक ग्रेड-2 और नीरज कुमार सोनी सहायक ग्रेड-3 राधारमण मंदिर के पास तय स्थान पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने पहुंचे आवेदक से 80 हजार की रिश्वत लेकर आपकी बाइक की डिक्की में रखे, लोकयुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है।
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