Latehar Naxalite Arrested: लातेहार पुलिस की बड़ी कामयाबी, कुख्यात माओवादी मुकेश गंझू बजरीमरी से गिरफ्तार

झारखण्ड

झारखंड के लातेहार जिले से नक्सल विरोधी अभियान को लेकर एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है. जिला पुलिस ने एक सटीक और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए भाकपा माओवादी संगठन के कुख्यात नक्सली मुकेश गंझू को सलाखों के पीछे भेज दिया है. गिरफ्तार नक्सली मुकेश मूल रूप से लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बजरीमरी-बेलगढ़ा गांव का निवासी है और पुलिस ने उसे घेराबंदी करके बजरीमरी गांव से ही दबोचा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार नक्सली पर विभिन्न थानों और जिलों में हत्या, लेवी (रंगदारी) और आगजनी सहित 9 से अधिक गंभीर नक्सली हिंसा के मामले दर्ज हैं. इस कुख्यात नक्सली को शीर्ष माओवादी कमांडर रविंद्र गंझू का सबसे खास सहयोगी और दाहिना हाथ माना जाता है.

🎯 एसपी कुमार गौरव को मिली थी सटीक गुप्त सूचना: पुलिस टीम ने घेराबंदी कर फरार नक्सली को बजरीमरी गांव से दबोचा

इस पूरी सफल कार्रवाई की पृष्ठभूमि साझा करते हुए लातेहार के पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार गौरव ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा माओवादी मुकेश गंझू अपने पैतृक गांव के आसपास देखा गया है. इस पुख्ता इनपुट के मिलते ही एसपी कुमार गौरव के त्वरित निर्देश पर चंदवा थाना और सुरक्षा बलों की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए चिन्हित ठिकानों पर त्वरित छापामारी अभियान चलाया. पुलिस की इस अचानक और सटीक घेराबंदी के कारण पिछले कई वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा मुकेश गंझू मौके से भाग नहीं पाया और पुलिस की गिरफ्त में आ गया. इस पर विभिन्न थानों में हत्या, आगजनी, सुरक्षा बलों पर फायरिंग और कोयला कारोबारियों से रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप हैं. इसके अलावा, मुकेश गंझू पर जमुआरी गांव के वन रक्षा समिति सदस्य प्रद्युम्न यादव की निर्मम हत्या में सीधे तौर पर शामिल होने का भी मुख्य आरोप है.

📋 लातेहार, लोहरदगा और गुमला में दर्ज हैं कई मुकदमे: जेसीबी मशीनों को फूंकने और रेलवे पुल पर आगजनी का है मुख्य अभियुक्त

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी कुमार गौरव ने बताया कि नक्सली मुकेश गंझू की तलाश झारखंड पुलिस को पिछले कई महीनों से थी और उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर खुफिया विंग की भी कड़ी नजर थी. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली मुकेश के विरुद्ध लातेहार के अलावा पड़ोसी जिलों लोहरदगा और गुमला सहित अन्य क्षेत्रों में कुल 9 बड़े मामले दर्ज हैं. वह मुख्य रूप से वर्ष 2022 में चंदवा थाना क्षेत्र के कठपुलिया के समीप वाहनों में की गई आगजनी की घटना, वर्ष 2023 में लपरा रेलवे पुल पर ठेकेदार को डराने के लिए की गई आगजनी और फरवरी 2024 में सुन्दरू सरना टोली में सड़क निर्माण कार्य को बाधित करने के उद्देश्य से निर्माण कार्य में लगी जेसीबी (JCB) मशीन पर ताबड़तोड़ फायरिंग जैसे कई नक्सली कांडों में नामजद अभियुक्त है और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था.

💥 माओवादी संगठन रविंद्र गंझू गुट को लगा सबसे बड़ा झटका: लातेहार में समाप्ति की कगार पर नक्सलवाद, पुलिस का दावा जल्द होंगे और खुलासे

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मुकेश गंझू की इस गिरफ्तारी से लातेहार और आसपास के जंगलों में सक्रिय माओवादी संगठन को एक बहुत बड़ा और तगड़ा संगठनात्मक झटका लगा है. दरअसल, लातेहार जिले में लगातार चल रहे पुलिस ऑपरेशनों के कारण माओवादी संगठन अब लगभग पूरी तरह से समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है और पूरे नेटवर्क में कुछ गिने-चुने नक्सली ही बचे हुए हैं. इनमें बड़े नक्सलियों में अब केवल शीर्ष कमांडर रविंद्र गंझू का नाम ही मुख्य रूप से शामिल है, जिसके सारे रणनीतिक और वित्तीय कार्य मुकेश गंझू ही संभालता था. मुकेश के पकड़े जाने के बाद रविंद्र गंझू पूरी तरह से अकेला पड़ गया है. लातेहार पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ के आधार पर क्षेत्र में बचे हुए अन्य नक्सलियों और मददगारों की भी जल्द ही गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry