चंडीगढ़: सरकार ने भविष्य की बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। 135 किलोमीटर लंबे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पांच नए आधुनिक शहर बसाए जाएंगे। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि यह कदम प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगा।
🚀 विकसित भारत-2047 के विजन को मिलेगी रफ्तार
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। केएमपी एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की नई पहचान के रूप में उभरेगा। मंत्री ने कहा कि पांच नए शहरों के साथ-साथ तीन नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने से प्रदेश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
🏭 औद्योगिक विकास का रोडमैप
सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में केएमपी एक्सप्रेसवे का यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। नई टाउनशिप और आधुनिक शहरों के बसाव से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एनसीआर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का भी अभूतपूर्व विकास होगा।
📈 भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी
यह योजना केवल आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की संभावित जनसंख्या और बढ़ती औद्योगिक मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सरकार का प्रयास है कि एक्सप्रेसवे के साथ-साथ ऐसे नियोजित शहरों का निर्माण हो जो विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
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