झज्जर: झज्जर में होली खेलते समय 9 वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय पैरा जूडो खिलाड़ी मोनू और उसके साले मनीष को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
जानकारी के अनुसार 4 मार्च को झज्जर के बरानी गांव में 9 साल का बच्चा हुनरजीत अपने साथियों के साथ होली खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ी में आए और बच्चे का अपहरण कर ले गए। बाद में बच्चे को छोड़ने के बदले आरोपियों ने 5 करोड़ रुपये की फिरौती भी ली।
एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बहादुरगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फिरौती मिलने के बाद आरोपियों ने बच्चे को रोहतक क्षेत्र में छोड़ दिया था। मामले की जांच के दौरान रोहतक एसटीएफ की टीम ने रोहतक के कंसाला गांव निवासी मुख्य आरोपी मोनू और झज्जर के बरानी गांव के रहने वाले उसके साले मनीष को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मनीष झज्जर के बरानी गांव का रहने वाला है और वह बच्चे के पिता की गौशाला में काम करता था। आरोपी मोनू ने करीब 20 दिन पहले अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी।
बताया जा रहा है कि मामले का मास्टरमाइंड मोनू अंतरराष्ट्रीय स्तर का पैरा जूडो खिलाड़ी है और नेशनल पैरा जूडो गेम्स के अलावा विदेशों में भी कई पदक जीत चुका है। वह वर्ल्ड पैरा जूडो गेम्स, पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुका है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोनू ने खेल की दुनिया छोड़कर अपराध का रास्ता चुन लिया और जल्दी अमीर बनने की चाहत में इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को झज्जर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके फरार साथियों के बारे में पूछताछ करेगी। एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि आरोपियों ने पहली बार किसी वारदात को अंजाम दिया और पुलिस के हत्थे चढ़ गए इन्होंने फिरौती की 5 करोड रुपए की रकम को भी आपस में बांट लिया था जिसे पुलिस जल्द ही बरामद कर लेगी।
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