करनाल: बसंत विहार कालोनी के युवक की रूस में हुई मौत के कई दिन बाद शव को करनाल लाया जा सका। शनिवार को अंतिम संस्कार के समय हर किसी की आंखें नम हो गईं। बताया जाता है कि युवक देव पुंडीर 16 मार्च को पर्यटक वीजा पर रूस गया था। लगभग 16 दिन पहले परिजनों की उसके साथ फोन पर बात भी हुई थी। तब युवक ने बताया था कि सब ठीक है।
उसके बाद रात को ही व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से परिजनों को उसकी मौत के बारे में पता चला। परिजनों को संदेह है कि किसी अनहोनी के कारण देव पुंडीर की
मौत हुई होगी। उन्हें इस बात पर यकीन नहीं हो रहा कि बिल्डिंग से गिरने से मौत हो गई। देव पुंडीर के पिता इलैक्ट्रॉनिक और मां सिलाई को का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बेटे को विदेश भेजने के लिए लगभग 5 लाख रुपए खर्च किए थे।
कालोनी निवासी सुभाष का कहना है कि देव पुंडीर की मौत को की सूचना मिलने के बाद दूतावास को ई-मेल भेजी थी। उसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कविंद्र राणा, विधायक जगमोहन आनंद व प्रशासन से बात कर शव को भारत लाने के लिए अपील की गई थी। उसके बाद शव को लाया जा सका।
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