छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ को नया जिला बनाने की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इस पुरानी और प्रमुख मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का आगाज कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन वीर नारायण सिंह चौक स्थित धरना स्थल पर भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान मासबरस ग्राम पंचायत की महिलाओं ने भी धरना स्थल पहुंचकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
🗺️ भौगोलिक स्थिति और प्रचुर माइनिंग संसाधनों का दिया जा रहा हवाला
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अंतागढ़ की भौगोलिक स्थिति और इस क्षेत्र से शासन को मिलने वाले बड़े पैमाने पर राजस्व को ध्यान में रखते हुए इसे एक पृथक जिला बनाया जाना बेहद आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि उनका पूरा क्षेत्र माइनिंग (खनन) और प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है, ऐसे में जिला बनने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और चहुंमुखी विकास तेजी से हो सकेगा।
🧑🎓 स्थानीय युवाओं ने चलाया था हस्ताक्षर अभियान, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
इस आंदोलन को गति देने में स्थानीय बेरोजगार युवाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पिछले कुछ महीनों के दौरान युवाओं ने विभिन्न ग्राम पंचायतों और साप्ताहिक बाजारों में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया था, जिसमें हजारों लोगों ने जिला बनाने की मांग का समर्थन किया। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शासन-प्रशासन इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad