कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश

मनोरंजन

मानहानि मामले में कंगना रनौत कल पंजाब के बठिंडा की अदालत में पेश हो सकती हैं. पहले कंगना रनौत के वकील के द्वारा कोर्ट में याचिका लगाकर फिजिकल तौर पर कोर्ट में पेश होने से छूट मांगी गई थी. वकील ने मुंबई में प्री-शेड्यूल्ड कामकाज, सुरक्षा और आधिकारिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट और VC के जरिए पेश होने की अनुमति की अर्जी दाखिल की थी.

मगर पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था और कंगना रनौत को पेशी के दौरान कोर्ट में रहने के निर्देश जारी किए थे. अदालत ने आदेश दिया था कि कंगना रनौत को 15 जनवरी को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा. अगर वे पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है और उनकी जमानत भी रद्द हो सकती है.

किसान आंदोलन से जुड़ा है विवाद

दरअसल, ये विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है. बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर ने जनवरी 2021 में कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया (X) पर महिंदर कौर की फोटो शेयर करते हुए टिप्पणी की थी कि ‘ऐसी बुजुर्ग महिलाएं धरने में 100-100 रुपये लेकर आती हैं’ या ‘ऐसी दादियां 100 रुपये में उपलब्ध हैं’. कौर ने इसे अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया और भटिंडा कोर्ट में मानहानि का केस दाखिल कर दिया.

हालांकि, इस पूरे मामले में कोर्ट के अंदर कंगना रनौत ने माफी मांग ली थी और कंगना ने दावा किया था कि ये ट्वीट गलती से रिट्वीट था और उन्होंने किसी को जानकर टारगेट नहीं किया, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे मानहानिकारक माना और माफी को नकार दिया. मामला IPC की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत दर्ज है.

अक्टूबर 2025 में कंगना पहली बार कोर्ट में पेश हुईं

अक्टूबर 2025 में कंगना पहली बार कोर्ट में पेश हुई थीं और जमानत मिली थी. तब उन्होंने मौखिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया. नवंबर 2025 में चार्ज फ्रेम हो गए. कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह राहत नहीं मिली. दिसंबर 2025 में भी वे पेश नहीं हुईं और छूट मिली थी, लेकिन कोर्ट ने उस दौरान चेतावनी दी थी.

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