कबीरधाम: जिले के खपरी गांव में शासकीय भूमि और गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया ने हिंसक रूप ले लिया है। अतिक्रमण हटाने की मांग करने वाले ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक टीम के सामने ही उन पर हमला किया गया, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ग्रामीण अब कलेक्टर की शरण में पहुंचे हैं।
🚧 राजस्व टीम की मौजूदगी में डराने-धमकाने का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि ‘सुशासन तिहार’ के दौरान पंचायत एवं शाला परिसर के समीप शासकीय और गौचर भूमि पर किए गए अवैध कब्जों की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद जब राजस्व विभाग की टीम और पटवारी जांच के लिए पहुंचे, तो कथित अतिक्रमणकारियों ने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि शिकायतकर्ता ग्रामीणों को डराना-धमकाना भी शुरू कर दिया।
👊 मारपीट और सामूहिक हमले का आरोप
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाना उन्हें भारी पड़ गया। उन्होंने बताया कि एक ग्रामीण पर सामूहिक हमला किया गया और एक अन्य व्यक्ति को दांत से काटकर गंभीर चोट पहुंचाई गई। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत पीपरिया थाना में दर्ज कराई है, लेकिन उनका कहना है कि एफआईआर के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
⚖️ प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए खपरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
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निष्पक्ष जांच: आरोपियों के खिलाफ मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के लिए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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पुलिस सुरक्षा: शासकीय एवं गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की अगली प्रक्रिया भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पूरी की जाए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
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