रांची: झारखंड में आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों की तैयारी के तहत ‘मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) 30 जून 2026 से शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं को चिन्हित करने का कार्य करेंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित न रहे।
👨🏫 निर्वाचन कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
इस अभियान में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा 19 जून से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:
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19 जून: कंप्यूटर ऑपरेटर का प्रशिक्षण।
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20 जून: डीईओ, अतिरिक्त डीईओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी (सुबह) और ईआरओ, एईआरओ (दोपहर 3 बजे से)।
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22-25 जून: बीएलओ और बीएलओ-2 का चरणबद्ध प्रशिक्षण।
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27-29 जून: वॉलेंटियर्स का प्रशिक्षण।
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27 जून: पोल ऑब्जर्व्स का प्रशिक्षण (ऑनलाइन)।
📊 81% मतदाताओं की मैपिंग पूरी, शेष के लिए निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी दी कि अब तक राज्य में लगभग 1.61 करोड़ यानी 81% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। जिन नागरिकों की मैपिंग अभी नहीं हुई है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे अपने बीएलओ से संपर्क कर अपनी जानकारी अपडेट करवा सकते हैं।
📝 बीएलओ को दें ये महत्वपूर्ण जानकारी
सीईओ ने उन मतदाताओं से विशेष अनुरोध किया है, जो पहले झारखंड के बाहर पंजीकृत थे। बीएलओ के घर-घर दौरे के समय यदि मतदाता या उनके माता-पिता पिछली सूची में पंजीकृत थे, तो उन्हें 2003 की एसआईआर मतदाता सूची का विवरण बीएलओ को अवश्य उपलब्ध कराना चाहिए। इससे मैपिंग की प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने में मदद मिलेगी।
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