तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर भड़का झारखंड राजद, बिहार सरकार और सीएम सम्राट चौधरी के कदम को बताया ‘तानाशाही’

झारखण्ड

रांची: पड़ोसी राज्य बिहार में जनशक्ति जनता दल (JJD) के सुप्रीमो एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी की झारखंड राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तीखे शब्दों में निंदा की है। पार्टी ने पूरे घटनाक्रम को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए (NDA) सरकार का दमनकारी एवं तानाशाही कदम करार दिया है।

राजद के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने एक विस्तृत प्रेस बयान जारी करते हुए पार्टी का स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक मामले और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र नेताओं के बीच आपसी सहमति बनी थी। इस आधिकारिक सहमति में साफ तय हुआ था कि आंदोलनरत सभी छात्रों पर दर्ज पुलिसिया मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे और किसी भी छात्र अथवा समर्थक पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

📜 ‘दिल्ली में बनी सहमति को ठुकराना वादाखिलाफी’, कैलाश यादव बोले—कुर्सी खोने के डर से हुई गिरफ्तारी

कैलाश यादव ने कहा कि इस राष्ट्रीय समझौते के बावजूद पटना में छात्रों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में समर्थन देने के आधार पर तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि बेहद तानाशाही भरा कदम है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि अपनी कुर्सी खोने के डर और राजनीतिक बौखलाहट में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजप्रताप यादव को निशाना बनाकर गिरफ्तार करवाया है।

राजद नेता ने आगे कहा कि जंतर-मंतर पर लाखों छात्रों के अभूतपूर्व धरना-प्रदर्शन के बाद जब केंद्र सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच स्पष्ट सहमति बन गई थी कि छात्रों की तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और पूरे देश में सभी छात्रों पर से पुलिस केस वापस लिए जाएंगे, तो बिहार सरकार द्वारा दिल्ली में बनी इस सहमति को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और छात्रों के साथ खुली वादाखिलाफी का स्पष्ट उदाहरण है।

⚖️ ‘छात्रों के हक में आवाज उठाने की सजा दे रही भाजपा-एनडीए’, राजद का तीखा प्रहार

कैलाश यादव ने कहा, “यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों का चरित्र रहा है कि वे छात्रों और युवाओं के न्यायपूर्ण आंदोलन को बर्बरता से दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को बलि का बकरा बनाते हैं। तेजप्रताप यादव बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने छात्रों के न्यायपूर्ण आंदोलन का निष्पक्ष समर्थन किया था, जिसकी सजा उन्हें इस असंवैधानिक गिरफ्तारी के रूप में दी जा रही है।”

🔥 ‘तत्काल रिहा न किए गए तो बिहार-झारखंड में होगा चक्का जाम’, राजद ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

राजद प्रवक्ता ने बिहार प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए साफ कहा कि यदि बिहार सरकार तत्काल प्रभाव से तेजप्रताप यादव की सम्मानजनक रिहाई सुनिश्चित नहीं करती है, तो राष्ट्रीय जनता दल पूरे बिहार और झारखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर का उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने दोहराया कि राजद देश के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।

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