रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की गहमागहमी के बीच पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का राजनीतिक बयान सामने आया है. बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निकाय चुनाव में विपक्षी दलों के नेताओं के हस्तक्षेप पर जमकर निशाना साधा.
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके अंदर इतना डर भय है कि राज्य में चल रहे नगर निकाय चुनाव पार्टी आधारित नहीं होने के बावजूद फिर भी यह जी-जान से लगे हुए हैं. विपक्ष का पूरा समय नगर निकाय चुनाव में ही जा रहा है. यहां तक की इनकी शैडो टीम भी इस चुनाव में एड़ी चोटी लगाए हुए हैं. अब देखते हैं कि इसमें भी ये लोग कहां तक जा पाते हैं.
अब विपक्ष की बोलती बंद करनी होगी: सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं को मिल रही सफलता उन्हें दिखाई नहीं पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पता नहीं विपक्ष कौन सा चश्मा लगा रखा है या रतौंधी है, जो उनको दिखाई नहीं पड़ रहा है. सीएम ने कहा कि अब विपक्ष को दिखाई देना बंद हो गया तो उनका अब केवल मुंह चल रहा है. देखते हैं, कब तक मुंह चलता है, लगता है वह भी बंद करना होगा.
गैर-दलीय चुनाव के बावजूद पार्टी की नजर निकाय चुनाव पर!
बता दें कि राज्य में काफी जद्दोजहद के बाद नगर निकाय चुनाव हो रहा है. यह चुनाव कहने को गैरदलीय आधारित है. जिस तरह से राजनीतिक दलों की भूमिका देखी जा रही है, उससे यह चुनाव किसी दलीय चुनाव से कम नहीं है. भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है. बीजेपी ने फिल्म अभिनेत्री और सांसद जया प्रदा से लेकर पार्टी के कई केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा है.
वहीं सरकार में सहयोगी कांग्रेस पार्टी भी बीजेपी की तरह पार्टी के बड़े नेताओं को पार्टी समर्थित मेयर और अध्यक्ष उम्मीदवार को जीताने की जिम्मेदारी दी है. बहरहाल राजनेताओं के इस दखलअंदाजी पर राज्य निर्वाचन आयोग की जहां नजर है. वहीं 23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए शनिवार 21 फरवरी को शाम में चुनाव प्रचार समाप्त हो रहा है.
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