Jharkhand Politics: झारखंड में भाजपा का ‘मटका फोड़’ आंदोलन; हेमंत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, JMM के प्रदर्शन को बताया ड्रामा

झारखण्ड

हजारीबाग: झारखंड में व्याप्त भीषण बिजली और पानी के संकट के खिलाफ बीजेपी ने ‘मटका फोड़’ आंदोलन शुरू किया है. इस कड़ी में हजारीबाग में भाजपा ने मटका फोड़ कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद किया. कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही हजारीबाग पहुंचे. साथ ही इसमें सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बरही विधायक मनोज यादव समेत बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हुए.

भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार जन समस्या पर उदासीन है. राज्य सरकार को नींद से उठाने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है. भानु प्रताप शाही ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि झारखंड के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पानी को लेकर त्राहिमाम की स्थिति है. बहन-बेटियां मटके लेकर पानी के लिए घंटों कतार में खड़ी रहने को मजबूर हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए दिए गए 12,700 करोड़ रुपये का सही उपयोग नहीं किया गया. पूर्व पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर और हेमंत सोरेन ने इस राशि को 50-50 की अनुपात में बांट लिया. सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग में बिजली की व्यवस्था बेहद खराब हो गई है. पेयजल को लेकर भी हाहाकार मचा हुआ है. सरकार इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह मौन बनी हुई है.

इस दौरान भानु प्रताप शाही और मनीष जायसवाल दोनों ने पिछले दिनों झारखंड मुक्ति मोर्चा के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत वृद्धि पर धरना पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जनसरोकार के मुद्दों पर आंदोलन और ड्रामा में फर्क होता है. कौवा मोर की खाल पहन ले तो वह मोर नहीं बन जाता. उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो का आंदोलन केवल कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर था, जिसका आम जनता से सीधा सरोकार नहीं है. भानु प्रताप शाही ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वह वादा पूरी तरह भूल गई.

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद हिंसक घटनाओं की खबरों पर भानु प्रताप शाही ने कहा कि जो भी घटना को अंजाम दे रहे हैं सभी को सजा मिलेगी. कई सालों तक पश्चिम बंगाल अपराधियों के चंगुल में था और उसकी सरगना ममता बनर्जी थी. अब वह महल टूट चुका है. इसके बाद उनके अपराधी बिल से निकल कर आपराधिक घटनाओं का अंजाम दे रहे हैं. ऐसा लगता है यह उनका धर्म है. सरकार बनने के बाद ऐसे अपराधियों को सजा भी मिलेगी.

वहीं उन्होंने हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट पर बयान देते हुए कहा कि अब हजारीबाग के पत्रकारों को लाइसेंसी बंदूक के लिए आवेदन देना चाहिए. जब भी उनसे सवाल करें तो पहले राइफल सटा दे. उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों को एक हाथ में कैमरा और एक हाथ में लाठी रखने की जरूरत है. जिस तरह से घटना घटी है, यह काफी अधिक निंदनीय है. जिस राज्य में पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा वहां आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी. भारतीय जनता पार्टी नैतिक रूप से पत्रकारों के साथ खड़ी है. ऐसी घटना नहीं घटनी चाहिए.

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