रांची:लोकसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम सहित तीन संशोधन विधेयक गिर जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में एक-दूसरे को महिला विरोधी बताने की राजनीति शुरू हो गई है. शनिवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का विरोध करनेवाली कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसे राजनीतिक दलों को महिला विरोधी करार दिया था तो अब कांग्रेस भी इस मुद्दे पर मुखर हो गई है.
इस क्रम में आज रविवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो, ओबीसी विभाग के चेयरमैन अभिलाष साहू, मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी, मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सह कार्यालय प्रभारी राजन कुमार ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नहीं, बल्कि भाजपा का चरित्र महिला विरोधी रहा है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी कल सोमवार को सभी प्रमंडलों में कार्यक्रम और संवाददाता सम्मेलन के जरिए जनता को अवगत कराएंगे कि कैसे 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पास महिला आरक्षण कानून को लागू नहीं होने दिया गया और अब महिलाओं के साथ-साथ ओबीसी के साथ धोखाधड़ी करने के लिए जातीय जनगणना से पहले ही 2011 की जनगणना के अनुसार ही केंद्र सरकार आरक्षण का प्रावधान करना चाहती थी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सवालिया लहजे में कहा कि विपक्ष से सलाह किए बिना इतनी जल्दी में ये बदलाव लाने की क्या जरूरत थी? खासकर तब, जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया चल रही है और नेता कैंपेन में व्यस्त हैं. उन्होंने कहा कि महिला रिजर्वेशन बिल 2023 में ही पास हो चुका था तो तीन साल बाद रात में नोटिफिकेशन क्यों लाया गया और अब वे कह रहे हैं कि कांग्रेस महिला विरोधी है. केशव महतो कमलेश ने कहा कि पहले जनगणना होनी चाहिए थी, उसके बाद डिलिमिटेशन होना चाहिए था और उसके बाद ही महिला रिजर्वेशन होना चाहिए था. जिसमें ओबीसी की भी भागीदारी सुनिश्चित होती.
बीजेपी ने महिला आरक्षण के नाम पर ड्रामा किया-प्रदीप यादव
वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि बीजेपी ने महिला रिजर्वेशन के नाम पर ड्रामा किया और अपने राजनीतिक फायदा साधने की कोशिश की. जब 2023 में महिला रिजर्वेशन बिल सर्वसम्मति से पास हो गया था तो इस बिल में संशोधन की क्या जरूरत थी. प्रदीप यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन लाने की कोशिश अचानक से इसलिए की गई क्योंकि इनका मकसद सिर्फ डिलिमिटेशन करना था. जब जनगणना होगी तो डेटा सामने आएगा और तब ST, SC और OBC की महिलाएं दबाव बढ़ाएंगी, इसलिए उन्होंने ऐसा करने की कोशिश की.
प्रदीप यादव ने कहा कि आजादी के बाद से ही हमने महिलाओं को बराबर के अधिकार दिए हैं. USA ने महिलाओं को वोटिंग का अधिकार एक सदी बाद दिया, जबकि हमने आजादी के समय ही दे दिया था. हमने हमेशा रिजर्वेशन का सपोर्ट किया है और आज भी हम मांग करते हैं कि पार्लियामेंट में आज की 543 सीटों के हिसाब से 33 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया जाना चाहिए.
“भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए परिसीमन करना चाहती थी”
प्रदीप यादव ने कहा कि भाजपा के नेता, पीएम और अन्य लोग सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए डिलिमिटेशन करना चाहते थे. इंडिया ब्लॉक के सभी लीडर्स को बधाई देते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में BJP की हार पक्की करने के लिए सभी एकजुट हुए.
प्रदीप यादव ने कहा कि हमारे पास पांच महिला नेशनल प्रेसिडेंट थीं, हमने 2010 में भी पास करने की कोशिश की थी, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया था और आज भी हम महिला रिजर्वेशन के लिए खड़े हैं, लेकिन BJP सभी को गुमराह कर रही है.
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रमुख एजेंडा इसे चुनावी मुद्दा बनाना था. जिस तरह से 2024 के चुनावों में उनकी सीटें कम हुईं और वे सिर्फ 240 सीटें ही हासिल कर पाए, उन्होंने SIR करना शुरू कर दिया और “एक देश एक चुनाव” की बात करने लगे. प्रदीप यादव ने कहा कि ये सभी एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं और उन्हें पता था कि इसका छोटे राज्यों पर बुरा असर पड़ेगा. प्रदीप यादव ने कहा कि हम मांग करते हैं कि SC और ST की तरह OBC को भी पार्लियामेंट और स्टेट की विधानसभा में रिजर्वेशन दिया जाना चाहिए.
जनता को जागरूक करेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेता प्रदीप यादव ने कहा कि हम लोगों के बीच जाकर उन्हें जागरूक करेंगे. कल सभी डिवीजन में हम इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. 2014 के बाद उन्हें पता चल गया है कि विपक्ष की ताकत क्या होती है. देश का माहौल बदल रहा है और वे यह समझ गए हैं. अगर उनके इरादे साफ होते तो वे हाथरस और कठुआ पर चुप नहीं रहते. उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री महिलाओं से माफी मांग रहे थे, लेकिन मणिपुर की महिलाओं से माफी क्यों नहीं मांगी, जिन पर बहुत ज़ुल्म हुए. बिल इसलिए सदन में गिर गया क्योंकि भाजपा के साथ बैठे लोगों को भी उनके इरादे का पता चल गया है. पीएम ने किसानों, मजदूरों और यहां तक कि सैनिकों के मुद्दों पर भी झूठ बोला है.
2029 में सत्ता हथियाने का खेल शुरू- दीपिका पांडे सिंह
वहीं इस मौके पर सूबे की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आजादी के बाद चाहे वोटिंग का अधिकार हो, पंचायती राज में रिजर्वेशन हो, हमारे पास महिला CM और PM, कई पार्टी अध्यक्ष का सुनहरा इतिहास है. दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 58 मौकों पर कांग्रेस पार्टी का नाम लिया. अगर BJP के इरादे साफ होते तो 2023 में रिजर्वेशन लागू होने पर 33% महिलाएं पार्लियामेंट और राज्यों की असेंबली में होतीं.
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह भी साफ नहीं है कि वे ऐसा 2029 में करेंगे, 2034 में या 2039 में. आधी रात को उन्होंने बिल नोटिफाई किया और औरतों को डिलिमिटेशन के लिए ढाल की तरह इस्तेमाल करना चाहते थे. 2029 में सत्ता हथियाने का उनका खेल 2026 में शुरू हो गया है, चाहे प्रधानमंत्री हों या गृह मंत्री उनका एकमात्र इरादा सत्ता हथियाना है. दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार जाति जनगणना का इंतजार क्यों नहीं करती? क्या PM अन्य पिछड़ी जातियों का हिस्सा अपने पास रखना चाहते हैं और आज भी उनके इरादे सही नहीं हैं.
आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी महिला कांग्रेस-रमा खलखो
वहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलको ने कहा कि भाजपा का चरित्र ही महिला विरोधी का रहा है. वह डेलिमिटेशन के नाम पर मनमानी करना चाह रही थी, जिसे विपक्षी एकता ने रोक दिया है.अब महिला कांग्रेस जनता के बीच जाकर मोदी सरकार का सच बताएगी.
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