कोरोना काल में शुरू की जन सहयोग रसोई, समिति ने करवाये 11 निर्धन कन्याओं के हाथ पीले

मध्य प्रदेश

छतरपुर: देशभर में लोग कोरोना काल में दम तोड़ रहे थे, एक दूसरे को छूने से डरते थे, गरीबों को खाने के लाले पड़ रहे थे. जनता की बेबसी देखकर छतरपुर के 30 लोगों ने एक टीम बनाई और खुद पैसे एकत्रित कर लोगों की भूख मिटाने के लिए जन सहयोग रसोई खोल दी. रसोई परिवार ने बचे हुए पैसे से 11 निर्धन गरीब कन्याओं के हाथ पीले किए हैं.

11 निर्धन कन्याओं की रचाई शादी

जन सहयोग रसोई परिवार ने रविवार को 11 निर्धन गरीब कन्याओं की शादी करवाई है. इस विवाह समारोह में शहर के लोगों ने दिल खोल कर सहयोग किया है. कोरोना काल में शुरू हुई जन सहयोग रसोई की टीम में पहले 34 लोग थे, सभी ने अपनी अपनी जेब से दो-दो हजार रुपए एकत्रित किये और 7 जून 2021 को रसोई की शुरुआत कर दी.

शादी समारोह में कई बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद

अब इस टीम में 125 लोग शामिल हैं. जन सहयोग रसोई रोजाना बस स्टैंड पर प्रतिदिन सुबह गरीबों को भोजन करवाती है, इसमें से बचे रुपए से जन सहयोग रसोई ने रविवार को 11 निर्धन कन्याओं के हाथ पीले करने का काम किया है. इस आयोजन में गरीब कन्याओं को अपना आशीर्वाद देने के लिए केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, छतरपुर विधायक ललिता यादव, नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, छतरपुर DIG विजय खत्री सहित शहर की जानी मानी हस्तियां पहुंची और आशीर्वाद के साथ वर वधू को उपहार दिए.

घोड़े पर सवार होकर पहुंचे दूल्हे

यह विवाह आयोजन शहर के शहनाई गार्डन में आयोजित किया गया. समिति के अध्यक्ष केशव चौधरी ने बताया कि “सामूहिक विवाह महायज्ञ में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 11 कन्याओं के विवाह वैदिक रीति रिवाज के साथ पूरी धूमधाम से कराए गए. सभी दूल्हे बैंड बाजों के साथ घोड़े पर सवार होकर मंच तक पहुंचे. भव्य मंच पर वर वधु ने एक दूसरे को जयमाला डालकर शादी रचाई.”

दंपत्ति को गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री दी

शादी के लिए 3 मंडप सजाए गए थे. जिनमें वर-वधु आते रहे और पूरे वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संस्कार किया. वर और वधू पक्ष के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी. विदाई में वधू को घर गृहस्थी के लिए सभी आवश्यक सामग्री उपहार के तौर पर भेंट की गई, इससे पहले भी साल 2024 में समिति द्वारा 10 लोगों की शादी कराई थी.

समाजसेवियों का मिला संपूर्ण सहयोग

उपहार में अन्नपूर्णा माता की फोटो, रामायण, कन्या के लिए लहंगा, पायल बिछिया, मंगलसूत्र, ज्वेलरी सेट, श्रृंगार सामग्री, 5 साड़ियां, शॉल, चप्पल, पलंग, गद्दा, बेडशीट, तकिया, तकिया कवर, कम्बल, ट्रॉली बैग, छोटा गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, प्रेशर कुकर, कलश सेट, स्टील की डलिया, बर्तन सेट, कुपरा, केस रोल दिया. वहीं दूल्हे के लिए घड़ी, इलेक्ट्रिक प्रेस, बाथरूम सेट, अलमारी वुडन, एलईडी टीवी, कुर्सी टेबल, कूलर, सिलाई मशीन और 5 लीटर वाटर कैन शामिल है. इसके अलावा समाजसेवियों ने भी अपनी ओर से कई उपहार दिए.

जनसहयोग रसोई के सदस्य और समाजसेवी हरि अग्रवाल बताते हैं कि “यह रसोई कोरोना काल में शुरू हुई थी जो आज भी चल रही है. यह दूसरा सनातनी विवाह आयोजन है. इससे पहले 2024 में 10 निर्धन कन्याओं का विवाह करवाया था. इस साल 11 का करवाया है. समिति रोजाना करीब सैकड़ों लोगों को निःशुक्ल भोजन करवाती है. हम समिति के लोग खुद पैसे एकत्रित करते और समाजसेवा में खर्च करते हैं.”

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