जालंधर: पुलिस कमिश्नरेट जालंधर ने शहरवासियों और वाहन चालकों से एक बेहद संवेदनशील अपील की है। कमिश्नर ने शहर के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्कूलों और अस्पतालों के आसपास अनावश्यक रूप से हॉर्न बिल्कुल न बजाएं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि बिना जरूरत हॉर्न बजाने से ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) में तेजी से बढ़ोतरी होती है, जिसका सीधा और बुरा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों के स्वास्थ्य, बुजुर्गों तथा अस्पतालों में उपचाराधीन लोगों पर पड़ता है।
🏫 संवेदनशील क्षेत्रों में शांति और धैर्य रखने की जरूरत
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी में व्यस्त रहते हैं, जबकि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को एक शांत और तनावमुक्त वातावरण की सख्त आवश्यकता होती है। ऐसे में नागरिकों का कर्तव्य है कि वे इन संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें और हॉर्न के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज करें।
वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे स्कूल जोन और अस्पतालों के आसपास अतिरिक्त धैर्य रखें, यातायात के सभी नियमों का पालन करें और समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दें। सड़क पर अनुशासित और जिम्मेदारी से वाहन चलाना सिर्फ कानून का पालन करना नहीं है, बल्कि यह दूसरों के स्वास्थ्य और सुविधाओं का सम्मान करना भी है।
🤝 एक शांत, सुरक्षित और बेहतर शहर बनाने में दें सहयोग
पुलिस कमिश्नरेट का मुख्य संदेश यह है कि:
-
अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचें।
-
स्कूल जोन और शैक्षणिक संस्थानों का सम्मान करें।
-
मरीजों और स्वास्थ्य केंद्रों की शांति का विशेष ध्यान रखें।
-
यातायात नियमों का पालन कर एक जिम्मेदार नागरिक बनें।
प्रशासन का कहना है कि जालंधर को एक शांत, सुरक्षित और संवेदनशील शहर बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को आगे आकर अपना सहयोग देना होगा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad