जालंधर : सिविल सर्जन कार्यालय में अवैध रूप से की जा रही 100 साल पुराने विरासती वृक्षों की कटाई के विरोध में समाज सेवी तेजस्वी मिन्हास व एक्शन ग्रुप अगेंस्ट प्लास्टिक पॉल्यूशन (ए.जी.ए.पी.पी.) के डा. नवनीत भुल्लर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।
समाज सेवी तेजस्वी मिन्हास ने बताया कि पुराने काम्पलैक्स को तहस-नहस कर वहां क्रिटिश्यिल केयर यूनिट (सी.सी.यू.) स्थापित किया जा रहा है। पी.डब्लयू.डी. ने ठेकेदार को वृक्ष काटने का अधिकार तो दिया है लेकिन वातावरण पर पड़ने वाले असर तथा वृक्ष काटने के विकल्पों पर कोई वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया गया है। नई बिल्डिंग में इन विरास्ती वृक्षों को शामिल किया जा सकता था, लेकिन इसके बारे में कुछ नहीं सोचा गया और वृक्षों को बेरहमी से काटने का काम शुरू कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन वृक्षों को बचाने की कोशिश के लिए आज उनके द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है। मिन्हास ने कहा कि भारत में सबसे कम वन क्षेत्र हैं और शहरी इलाकों में बहुत कम पुराने पेड़ बचे हैं, जिनमें अधिकांश को विकास के नाम पर बिना सोचे-समझे काटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सबंध में उनके द्वारा नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक मामला दायर किया गया है, जिस पर जल्द ही सुनवाई होने की उम्मीद है।
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