जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के बड़ा बाग क्षेत्र स्थित भट्टों की ढाणी से एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहां एक महिला को पैरों में लोहे की बेड़ियां बांधकर अमानवीय परिस्थितियों में कैद कर रखा गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के त्वरित हस्तक्षेप के बाद महिला को सुरक्षित मुक्त कराकर पुनर्वास गृह भेजा गया है।
🚨 पीएलवी की सूचना पर एक्शन
डीएलएसए के त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान एक पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) ने अधिकारियों को महिला की दयनीय स्थिति की सूचना दी। जानकारी मिलते ही डीएलएसए सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित पुरोहित ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। वहां महिला पत्थरों से बने एक अस्थायी ठिकाने में पैरों में लोहे की भारी बेड़ियां पहने हुए मिली।
👩 महिला का रेस्क्यू और आरोप
समाज कल्याण विभाग और 108 एम्बुलेंस की मदद से महिला को तुरंत रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक जांच में महिला मानसिक रूप से कमजोर पाई गई है। उसने अपना नाम सुगना बताया और आरोप लगाया कि उसे उसके देवर ने ही इस तरह बेड़ियों में जकड़कर रखा था। उसे न केवल शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि लंबे समय से उसे चिकित्सा सुविधाओं और देखभाल से भी वंचित रखा गया था।
⚖️ सचिव के निर्देश और आगे की कार्रवाई
डीएलएसए सचिव ललित पुरोहित ने संबंधित अधिकारियों को महिला की काउंसलिंग और चिकित्सा उपचार तत्काल शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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