जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा अब लगभग समाप्त हो चुकी है. केंद्र सरकार के पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी देकर शहर में मेट्रो विस्तार के लिए बड़ा रास्ता साफ कर दिया है. अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही फेज-2 के निर्माण कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है.
केंद्रीय वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) के सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRC) के एमडी वैभव गालरिया ने फेज-2 से जुड़ी पूरी डीपीआर बोर्ड के सामने प्रस्तुत की. इस प्रस्तुति में परियोजना के तकनीकी, आर्थिक और संरचनात्मक पहलुओं को विस्तृत रूप से समझाया गया. जयपुर की बढ़ती जनसंख्या, ट्रैफिक दबाव और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस परियोजना को बेहद जरूरी मानते हुए मंजूरी दे दी.
बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने डीपीआर के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की. परियोजना की उपयोगिता, व्यवहार्यता और शहर के विकास में इसकी भूमिका को देखते हुए पीआईबी ने इसे सकारात्मक निर्णय के साथ पास किया.
कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर अगले कदम
जयपुर मेट्रो फेज-2 को पिछले कई वर्षों से केंद्रीय मंजूरी का इंतजार था. अब PIB की स्वीकृति के बाद यह परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है. जैसे ही केंद्रीय कैबिनेट से हरी झंडी मिलेगी, जयपुर में मेट्रो विस्तार के निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएंगे.
फेज-2 के पूरा होने पर जयपुर के प्रमुख इलाकों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा.
जानिए कौन-कौन से होंगे स्टेशन?
जयपुर मेट्रो फेज-2 में की प्रस्तावित लंबाई लगभग 42.80 किलोमीटर (या लगभग 43 किमी) होगी. यह परियोजना जयपुर को नॉर्थ से साउथ तक जोड़ेगी. जयपुर मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर के रूप में शहर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अंबाबाड़ी से जुड़ेगा. इस मार्ग पर कुल 36 स्टेशन बनने का प्रस्ताव रखा गया है, जिनमें से 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं. फेज-2 में सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआई, जयपुर एयरपोर्ट, जयपुर रेलवे स्टेशन, गांधी नगर रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़कर एसएमएस स्टेडियम, एसमएमएस हॉस्पिटल, कलेक्ट्रेट, विद्याधर नगर, अंबाबाड़ी, टोंक रोड, सीकर रोड समेत अन्य मुख्य आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश होगी.
क्यों है यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण?
- जयपुर के तेजी से बढ़ते ट्रैफिक को कम करेगा
- शहर के प्रमुख कॉरिडोर को जोड़ेगा
- आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा
- पर्यावरण के लिए भी बड़ा कदम
PIB की मंजूरी के साथ अब पूरा शहर केंद्रीय कैबिनेट के फैसले का इंतजार कर रहा है. उम्मीद है कि अगले चरण की अनुमति मिलते ही जयपुर मेट्रो फेज-2 पर वास्तविक काम जल्द शुरू होगा, जिससे राजधानी में आधुनिक शहरी परिवहन का विस्तार नई गति पकड़ सकेगा.
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