जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी को उम्रकैद! 23 साल बाद आया फैसला, क्या खत्म हो गया जोगी परिवार का सियासी वजूद?

छत्तीसगढ़

रायपुर। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता राम अवतार जग्गी की हत्या के बाद राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी परिवार का राजनीतिक भविष्य लगातार दलदल में फंसता गया।

राज्य गठन के बाद वर्ष 2000 से 2003 तक प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहे उनके बेटे, पूर्व विधायक अमित जोगी को हाई कोर्ट से उम्रकैद की सजा वर्तमान में राजनीतिक चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।

परिवार की कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी से नजदीकी जगजाहिर रही है। इसके बाद भी जोगी कांग्रेस के कांग्रेस के विलय की राह में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सबसे बाधक बने रहे।

भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात भी काम नहीं आई

पाला बदलने के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात भी काम नहीं आई। यही कारण रहा कि 2016 में गठित जोगी कांग्रेस दम तोड़ने की स्थिति में पहुंच गई है। यह स्थिति 2003 से 2018 तक डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार और 2023 तक भूपेश बघेल ने नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार के कारण भी बनी।

जोगी परिवार की जमीन ही खिसक गई है। सीबीआई की याचिका पर हाई कोर्ट द्वारा सुनाया गया उम्रकैद का निर्णय अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 20 अप्रैल को अगली सुनवाई है।

अभी भी साम्राज्य और संपर्क काफी विस्तारित

कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी जैसे वकील अमित के पक्ष में खड़े हैं। राजनीतिक जगत में चर्चा रही है कि कुछ परिवारों ने भले ही जोगी परिवार की संपत्ति का बड़ा हिस्सा दबा लिया, परंतु अभी भी साम्राज्य और संपर्क काफी विस्तारित है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry