भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने अपना 64वां स्थापना दिवस उधमपुर स्थित 15वीं बटालियन परिसर में मनाया. इस दौरान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहराज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने शिरकत की. इसके साथ हीसमारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, नॉर्दर्न कमांडर प्रतीक शर्मा, J&K पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात, ITBP महानिदेशक प्रवीण कुमार और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
मुख्य अतिथि ने संजय कुमार ने इस मौके पर सबसे पहले ITBP के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, उसके बाद परेड की सलामी ली. अपने संबोधन में उन्होंने बल को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि ITBP ने ऊंचाई वाले बर्फीले और बेहद कठिन इलाकों में अदम्य साहस, अनुशासन और समर्पण के साथ देश की रक्षा की है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र सुरक्षा में ITBP की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
‘ITBP ने बनाई खास पहचान’
वहीं ITBP के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने बल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ITBP ने हिमालयी सीमा सुरक्षा, नक्सल-रोधी अभियान, मानवीय सहायता, आपदा प्रबंधन और पर्वतारोहण में अपनी खास पहचान बनाई है.
विभिन्न टुकड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया
स्थापना दिवस परेड में विभिन्न टुकड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया महिला दल, स्की टीम, पर्वतारोहण दल, माउंटेड कॉलम, पैराट्रूपर्स, डॉग स्क्वाड और ब्रास बैंड ने अपनी दक्षता और अनुशासन का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
समारोह में उत्कृष्ट सेवा के लिए कई अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया; * 5 कर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) * 24 कर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक (सराहनीय सेवा) वर्ष 202425 के लिए सर्वश्रेष्ठ इकाइयाँ: * 43वीं बटालियन सर्वश्रेष्ठ सीमा बटालियन * 52वीं बटालियन सर्वश्रेष्ठ गैर-सीमा बटालियन * 27वीं बटालियन सर्वश्रेष्ठ ANO यूनिट * 18वीं बटालियन सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ बटालियन * 25वीं बटालियन सर्वश्रेष्ठ ग्रीन बटालियन * 13वीं बटालियन राजभाषा चलशील्ड ट्रॉफी 2024
1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद स्थापित ITBP, आज लगभग 3488 किमी लंबी भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा करती है। इसके अलावा बल नक्सल-रोधी अभियान, वीवीआईपी सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, आपदा राहत और पर्वतारोहण अभियानों में भी अहम भूमिका निभाता है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad