ISIS के फिदायीन अटैक का प्लान ध्वस्त! आतंकियों के निशाने पर थे दिल्ली और भोपाल, मंसूबे थे बेहद खतरनाक

दिल्ली

देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि दोनों भारत में आत्मघाती हमले (फिदायीन अटैक) की योजना बना रहे थे.

पहली गिरफ्तारी दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से की गई जहां एक युवक संदिग्ध हालात में पकड़ा गया. जांच के दौरान उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की पड़ताल की गई, जिससे भोपाल में छिपे उसके साथी का पता चला. इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने भोपाल के करोंद इलाके में छापा मारकर अदनान खान नाम के युवक को हिरासत में लिया.

अदनान खान चार्टर्ड अकाउंटेंसी ( CA) की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन गुपचुप तरीके से ऑनलाइन आतंकी गतिविधियों में शामिल था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह “मुस्लिम ब्रदरहुड” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाता था और सीरिया में बैठे अपने हैंडलर से संपर्क में रहता था.

बरामद हुआ संदिग्ध सामान

गिरफ्तार आतंकियों के पास से आईएसआईएस के झंडे, कपड़े, मास्क, लैपटॉप और पेन ड्राइव बरामद किए गए हैं. बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका नेटवर्क किन-किन शहरों तक फैला है.

दिल्ली में आत्मघाती हमले की साजिश

सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और साउथ दिल्ली के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर फिदायीन हमला करने की फिराक में थे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ी तबाही मच सकती थी.

ATS की रडार पर पहले भी रहा अदनान

गौरतलब है कि अदनान खान को साल 2024 में एटीएस ने एक धमकी के मामले में गिरफ्तार किया था. उसने कथित तौर पर ज्ञानवापी मंदिर-मस्जिद विवाद पर आए फैसले के बाद जज को धमकी दी थी. तब से वह सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था. इस बार दिल्ली पुलिस ने ठोस सबूतों के आधार पर उसे फिर से पकड़ा है. पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या भारत के अन्य शहरों में भी कोई स्लीपर सेल सक्रिय है.

भोपाल से पहले भी पकड़ाए आतंकी

भोपाल पहले भी आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है. यह पहली बार नहीं है जब भोपाल से आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ हो. इससे पहले भी यहां से बांग्लादेशी आतंकी संगठन और सिमी (SIMI) से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मध्य प्रदेश का मालवा क्षेत्र लंबे समय से चरमपंथी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है. दिल्ली पुलिस, एटीएस और इंटेलिजेंस एजेंसियां अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हैं. देशभर में कई जगहों पर छापेमारी जारी है.

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