वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना हुआ आसान? क्या आधार कार्ड ही है एकमात्र डॉक्यूमेंट? जानें चुनाव आयोग के निर्देश और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़

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देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में 4 नवंबर से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू हुई है. ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मतदाताओं को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) घर-घर जाकर दे रहे हैं और यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी. चुनाव आयोग के अनुसार लगभग 99 फीसदी फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं और अब फॉम संग्रह करने की प्रक्रिया चल रही है.

हालांकि SIR फॉर्म भरने में बीएलओ मतदाताओं की मदद कर रहे हैं, लेकिन फिर भी फॉर्म भरने को लेकर मतदाताओं में कन्फ्यूजन है. यह सवाल किए जा रहे हैं कि क्या आधार कार्ड रहने से ही वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाया जा सकता है या फिर अन्य डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी?

चुनाव आयोग के निर्देश और भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, आधार कार्ड अकेले किसी को वोटर बनने के योग्य नहीं बनाता है, हालांकि एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार कार्ड का उपयोग अधिनियम के अनुरूप है. आधार अधिनियम के सेक्शन-9 में कहा गया है कि आधार कार्ड को डोमिसाइल या सिटीजनशिपका प्रमाण नहीं माना जा सकता है.

Enumeration Form में भरना होगा आधार का नंबर

हालांकि बीएलओ की ओर से मतदाताओं को जो गणना प्रपत्र दिए जा रहे हैं. उसमें नाम के बाद दूसरा कॉलम आधार कार्ड है और मतदाताओं को अपना आधार कार्ड नंबर लिखने के लिए कहा गया है,

लेकिन इस SIR की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट है. वह है कि यदि आप मतदाता हैं, तो अपना वर्तमान एपिक नंबर लिखें और 2002-2003 की SIR के लिस्ट में आपका नाम है तो उसका विवरण फॉर्म के निचले हिस्से में दायें ओर लिखें और यदि आपका नाम नहीं है, तो अपने माता-पिता, दादा-दादी या फिर नाना-नानी जिनका भी 2002-2003 के वोटर लिस्ट में नाम है. उसे फॉर्म के नीचे बाईं ओर लिखें और उनका वोटर कार्ड नंबर, मतदान केंद्र का नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर आदि का उल्लेख करें.

यदि 2002 या 2003 के वोटर लिस्ट नाम नहीं तो भी आप फॉर्म भरें और उसे बीएलओ को जमा दें. उसके बाद आपको नोटिस जारी किया जाएगा और फिर डोक्यूमेंट का सत्यापन किया जाएगा.

लेकिन आधार कार्ड को लेकर चुनाव आयोग का साफ निर्देश है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वोटर लिस्ट में केवल आधार के आधार पर किसी व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया जाएगा. चुनाव आयोग ने मान्य 13 दस्तावेजों की लिस्ट जारी की है. यदि 2002 और 2003 के वोटर लिस्ट में नाम नहीं है, तो सुनवाई के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए ये दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सकता है.

जानें चुनाव आयोग की ओर से मान्य दस्तावेज

ऐसे सभी वोटर जिनके नाम साल 2003 के वोटर लिस्ट से मिलान या लिंक हैं.उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ की तरफ से सुनवाई के लिए नोटिस जारी नोटिस जारी किया जाएगा. सुनवाई के दौरान उस शख्स को इन 12 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज पेश करना होगा और उनका सत्यापन किया जाएगा

1. किसी भी सेंट्रल गवर्नमेंट/स्टेट गवर्नमेंट/PSU के रेगुलर एम्प्लॉई/पेंशनर को जारी किया गया कोई भी आइडेंटिटी कार्ड, पेंशन पेमेंट ऑर्डर.

2. इंडियन गवर्नमेंट/बैंक/लोकल अथॉरिटी/PCU द्वारा जारी किया गया कोई भी आइडेंटिटी कार्ड/सर्टिफिकेट/डॉक्यूमेंट्स.

3. कॉम्पिटेंट अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया बर्थ सर्टिफिकेट.

4. पासपोर्ट.

5. रिकॉग्नाइज्ड बोर्ड/यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किया गया मैट्रिकुलेशन/एजुकेशनल सर्टिफिकेट.

6. स्टेट अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट.

7. फॉरेस्ट राइट्स सर्टिफिकेट.

8. OBC/ST/SC या कोई भी कास्ट सर्टिफिकेट.

9. नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (जहां भी हो).

10. स्टेट/लोकल अथॉरिटी द्वारा तैयार किया गया फैमिली रजिस्टर.

11. गवर्नमेंट द्वारा कोई भी लैंड/हाउस अलॉटमेंट सर्टिफिकेट.

12. आधार के लिए, कमीशन के लेटर नंबर 23/2025-ERS/Vol.II डेटेड 9.09.2025 के जरिए जारी किए गए डायरेक्शन लागू होंगे.

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