ईरान युद्ध से भारत के ‘स्मार्टफोन मिशन’ को झटका! अरबों के निर्यात पर मंडराया संकट; Apple और Samsung की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

टेक्नोलॉजी

भारत के लगातार बढ़ते मोबाइल फोन निर्यात की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में $11 अरब (लगभग 1,01,651 करोड़) का राजस्व (रेवेन्यू) मिला था लेकिन अब कंजप्शन, आयात और माल ढुलाई पर ईरान युद्ध का असर पड़ने के कारण कई अरब डॉलर का झटका लगने की आशंका है. कार्यकारी, विश्लेषक और ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 2 (18,494 करोड़) से 3 अरब डॉलर (27,723 करोड़) का नुकसान हो सकता है. इसकी मुख्य वजह यह है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनियां बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन खाड़ी क्षेत्र को निर्यात करती हैं जो कि व्यापार और उपभोग का एक प्रमुख केंद्र है.

मोबाइल फोन पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के विश्लेषक सुवोदीप रक्षित और स्वरूपजीत पालित ने 6 मार्च को निवेशकों को भेजे एक नोट में लिखा कि इजरायल और अमेरिका के ईरान के साथ युद्ध में खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया क्षेत्र के सीधे तौर पर प्रभावित होने के कारण मोबाइल फोन उन टॉप पांच वस्तुओं में से है जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है.

विश्लेषकों ने भारत के वाणिज्य मंत्रालय के डेटा का हवाला देते हुए कहा कि FY25 में खाड़ी और पश्चिम एशिया को मोबाइल फोन का निर्यात बढ़कर $3.1 बिलियन (लगभग 28,647.1 करोड़) हो गया, जो देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का 12 फीसदी है. EMS कंपनियां मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग पर काफी हद तक निर्भर हैं, उन्हें कम से कम मौजूदा और अगले क्वार्टर में भारी नुकसान हो सकता है.

कंपनियां नुकसान से बचने के लिए उठा सकती हैं ये कदम

कोटक के विश्लेषकों ने कहा कि अगर यह टकराव जारी रहता है, तो अगले वित्त वर्ष में निर्यात से होने वाली पूरी 3 अरब डॉलर की कमाई खत्म हो सकती है. इस असर से बचने के लिए, EMS कंपनियां दूसरे क्षेत्रों में अपना निर्यात बढ़ा सकती हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, जापान, नीदरलैंड, जर्मनी और मेक्सिको शामिल है.

भारत में मोबाइल फोन के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने 27 अक्टूबर को बताया कि केंद्र सरकार के मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव और निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिशों की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स भारत की तीसरी सबसे ज्याजा निर्यात की जाने वाली चीज (कमोडिटी) बन गई है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry