दुबई के रास्ते हिजबुल्लाह को फंडिंग! ईरान भेज रहा अरबों डॉलर, हवाला नेटवर्क से खुलासा, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा

विदेश

ईरान ने पिछले एक साल में लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को अरबों डॉलर भेजे हैं. यह पैसा दुबई में मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन, एक्सचेंज शॉप्स और निजी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए भेजा गया. यह पैसा ईरान की तेल से होने वाली बिक्री से कमाया गया था. ये खुलासा द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट से हुआ है.

पहले यह पैसा दुबई में ईरान से जुड़े कारोबारियों, कुछ प्राइवेट कंपनियों और कैश ले जाने वाले कुरियरों तक पहुंचता है. इसके बाद इसे लेबनान तक पहुंचाने के लिए हवाला सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. हवाला सिस्टम का इस्तेमाल कई मुस्लिम देशों में बहुत आम है.

सीजफायर से पहले कैश भेजता था ईरान

रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध शुरू होने से पहले ईरान बड़े पैमाने पर कैश बैग सीधे बेरुत एयरपोर्ट भेजता था. लेकिन नवंबर 2024 के युद्धविराम समझौते के बाद इस पर रोक लग गई. इसलिए अब ईरान छोटी-छोटी रकम और कीमती छोटे सामान यात्रियों के जरिए भेज रहा है, जिन्हें आसानी से छुपाया जा सकता है.

सीरिया में असद सरकार के गिरने से उसका पुराना तस्करी का रास्ता भी बंद हो गया है. बेरुत एयरपोर्ट पर भी कैश ले जाने वालों पर कड़ी निगरानी है. इसी वजह से ईरान अब नई तरीकों से हिजबुल्लाह को पैसा पहुंचा रहा है, जिसमें दुबई की अहम भूमिका सामने आई है.

हिजबुल्लाह के पास कहां से पैसे आते हैं?

अरब अधिकारियों ने बताया कि हिजबुल्लाह के पास दुनिया भर के कई इलाकों से भी पैसे आते हैं. जैसे कि ड्रग्स का व्यापार, डायमंड का अवैध व्यापार और अन्य गुप्त कारोबार. अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन को यह चिंता भी है कि ईरान तुर्किये और इराक के रास्ते भी हिजबुल्लाह को पैसा भेज रहा है.

रिपोर्ट सामने आने के बाद यूएई (UAE) के एक सीनियर अफसर ने कहा कि हम ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही इसके लिए अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

अमेरिका किस बात से चिंतित

दूसरी रिपोर्ट में बताया गया कि हिजबुल्लाह को पिछले साल इजराइल के साथ लड़ाई में भारी नुकसान हुआ था. उसे अपनी संगठन को फिर से तैयार करने, हथियार खरीदने और बाकी खर्चों के लिए बड़ी रकम की जरूरत है. अब अमेरिका को इस बात की चिंता है कि ईरान हिजबुल्लाह को पिर से खड़ा करने के लिए अमीरात के मनी एक्सचेंज का इस्तेमाल कर रहा है.

एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस क्या है?

एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस मौजूद अनौपचारिक राजनीतिक और सैन्य गठबंधन है. इसका गठन ईरान ने किया था. यह ऐसा समूह है जो मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत बढ़ाने और पश्चिमी और इजराइली दबाव का मुकाबला करने के लिए एक साथ काम करता है. एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस में ईरान, सीरिया, लेबनान, इराक, यमन और फिलिस्तीन के कई उग्रवादी संगठन शामिल हैं. इनमें मुख्य तौर पर हिजबुल्लाह, हूती विद्रोही और हमास शामिल हैं.

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