इंदौर: मई के महीने की तेज और चुभने वाली गर्मी ने पूरे मध्य प्रदेश को बुरी तरह झुलसा कर रख दिया है। इंदौर सहित प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में दिन के समय सूरज की किरणें और सड़कें आग उगलती हुई नजर आ रही हैं, जिसके चलते दोपहर में कर्फ्यू जैसे हालात बन रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को इंदौर शहर का अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, इससे ठीक चौबीस घंटे पहले सोमवार को पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस के बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था, जो सामान्य तापमान से करीब 4 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के इतिहास में यह केवल तीसरा ऐसा मौका है, जब इंदौर का तापमान इस खतरनाक स्तर तक दर्ज हुआ है।
🥵 सुबह 11 बजे से ही लू के थपेड़ों का सितम शुरू: उत्तर-पश्चिम हवाओं ने बढ़ाई उमस, रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री ऊपर
गर्मी और हीटवेव का असर इंदौर में इतना ज्यादा देखा जा रहा है कि सुबह 11 बजे के बाद से ही लोगों का जरूरी कामों के बिना घर या दफ्तरों से बाहर निकलना पूरी तरह मुश्किल हो रहा है। दोपहर के समय चल रही तेज और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय हवा की दिशा लगातार उत्तर-पश्चिम और पश्चिम की ओर बनी हुई है, जो राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं को खींच रही है। इसी के कारण मध्य भारत में गर्मी लगातार पैर पसारे हुए है। आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही भी देखी गई, जिसने उमस (Humidity) को और बढ़ा दिया, जिससे लोगों को शाम को भी राहत नहीं मिल सकी। दिन के साथ-साथ अब रातें भी तपने लगी हैं; सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। मंगलवार रात 10 बजे के बाद भी लोग उमस से परेशान होते रहे।
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