आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि कई वजहों से लोग चलती ट्रेन में चेन पुलिंग कर देते हैं. कुछ मामले में यह जरूरी भी होता है तो कई मामलों में ऐसा पाया गया है कि यह गैरजरूरी अथाव जानबूझकर किया गया. रेलवे ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में बताया कि साल 2025 के आंकड़े यह बताते हैं कि उत्तर रेलवे ने एक अभियान के तहत 16000 लोगों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया, जिसमें कि 14000 लोगों को जेल भेजा गया है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
रेलवे के अलग-अलग जोन में इस पर एक्शन लिया गया है, जिसमें पूर्व मध्य रेल ने बिना कारण चेन पुलिंग करने वालों पर कार्रवाई करते हुए 1 मार्च से 15 मार्च 2026 के बीच कुल 514 लोगों को हिरासत में लिया. इनसे कुल 1 लाख 46 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया. सभी पर रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई हुई.
| सबसे ज्यादा मामले कहां? | |
| दानापुर मंडल | 230 लोग |
| समस्तीपुर मंडल | 101 लोग |
| पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल | 73 लोग |
| सोनपुर मंडल | 66 लोग |
| धनबाद मंडल | 44 लोग |
ऑपरेशन महिला सुरक्षा
हिमांशु शेखर उपाध्याय ने ऑपरेशन महिला सुरक्षा पर भी जानकारी दी. ये ऑपरेशन उन पुरुष यात्रियों के खिलाफ चलाया जाता है जो महिला कोच में यात्रा करते हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. उन्होंने बताया कि 1 से 15 मार्च 2026 के बीच 1 हजार 570 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया. इनसे कुल 3 लाख 61 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया.
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