INDIA-US डील से लेकर कंपनियों के रिजल्ट तक, इन फैक्टर्स का पड़ेगा शेयर बाजार पर असर

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार पिछले कारोबारी दिन हिचकोले खाते-खाते लाल निशान के साथ बंद हुआ था. मार्केट का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 0.61 प्रतिशत यानी 501.51 अंक टूटकर 81757.73 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी में भी 143 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी. लेकिन पिछले दो-तीन दिनों में काफी कुछ ऐसा घटा है जिसका असर आज यानी सोमवार 21 जुलाई 2025 को और इस पूरे हफ्ते के कारोबार पर देखने को मिल सकता है. अमेरिका से ट्रेड डील पर बात लेकर यूएस टैरिफ और देश की दिग्गज कंपनियों के पहली तिमाही के रिजल्ट का प्रभाव इंडियन मार्केट पर देखने को मिल सकता है.

बीते शुक्रवार को जहां एक ओर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स गोता लगाते हुए बंद हुआ. वहीं, शाम में ही मार्केट की बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना रिजल्ट जारी किया. शनिवार को बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज HDFC और ICICI ने भी पहली तिमाही का रिजल्ट घोषित कर दिया. साथ ही अमेरिका के साथ 5 दौर की ट्रेड डील पर बातचीत भी बेनतीजा रही. ये सब कुछ फैक्टर्स हैं, जो सोमवार को मार्केट में हलचल पैदा कर सकते हैं.

पहली तिमाही का रिजल्ट

रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिजल्ट- रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में शुद्ध लाभ में 78% की वृद्धि दर्ज की, जो कि 26,994 करोड़ रही है. वहीं, रेवेन्यू 6% की वार्षिक वृद्धि के साथ 273,252 करोड़ रहा, जबकि समेकित EBITDA 35.7% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹ 58,024 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 460 आधार अंकों की वार्षिक वृद्धि के साथ Q1FY26 में 21.2% रहा है.

एचडीएफसी बैंक का रिजल्ट- एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 12.24% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹ 18,155.21 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि इसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) 5.4% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹ 31,439 करोड़ रही. कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.35% रहा. एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 26 के लिए ₹ 5 प्रति इक्विटी शेयर का विशेष अंतरिम लाभांश घोषित किया और 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की भी घोषणा की है. एचडीएफसी के साथ बैंकिंग सेक्टर के बाकी शेयरों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.

आईसीआईसीआई बैंक के पहली तिमाही के नतीजे- आईसीआईसीआई बैंक का शुद्ध लाभ 15.5% बढ़कर ₹ 12,768 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 10.6% बढ़कर ₹ 21,635 करोड़ हो गया. सकल एनपीए तिमाही-दर-तिमाही 1.67% पर स्थिर रहा, जबकि शुद्ध एनपीए तिमाही-दर-तिमाही 0.39% की तुलना में 0.41% रहा है.

डॉलर का हाल

डॉलर इंडेक्स, जो 6 दूसरी करंसीज के मुकाबले डॉलर की वैल्यू दिखाता है, 98.352 पर था. यूरो 1.163225 डॉलर पर स्टेडी रहा, और ब्रिटिश पाउंड 1.13417 डॉलर पर बंद हुआ. जापान में रूलिंग पार्टी के ऊपरी सदन में बहुमत खोने के बाद जापानी येन थोड़ा स्ट्रॉन्ग हुआ और 148.32 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले हफ्ते के साढ़े तीन महीने के लो लेवल के आसपास था.

कच्चे तेल की कीमतें

रूस की ऑयल सप्लाई पर यूरोप के नए प्रतिबंधों और मिडिल ईस्ट के प्रोड्यूसर्स के बढ़ते प्रोडक्शन की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ीं. ब्रेंट क्रूड 0.25% बढ़कर 69.45 डॉलर प्रति बैरल और यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.27% बढ़कर 67.52 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

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