दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों (इंडिया गठबंधन) की एक महत्वपूर्ण बैठक ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि गठबंधन को लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद का चेहरा तय करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में चेहरा घोषित न करना गठबंधन को महंगा पड़ा था, उसी से सबक लेने की जरूरत है।
🤝 सामूहिक सहमति ही अंतिम निर्णय
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का निर्णय उद्धव ठाकरे अकेले नहीं, बल्कि गठबंधन के सभी सहयोगी दल बैठकर सामूहिक सहमति से करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर नरेंद्र मोदी जैसा एक सामान्य व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, तो गठबंधन में मौजूद अन्य नेता भी इस पद के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।”
🎯 गठबंधन का मुख्य एजेंडा: भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई
राउत ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और राहुल गांधी के नेतृत्व में रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन का एकमात्र सूत्री एजेंडा सत्ता से भ्रष्टाचारियों और जनता को लूटने वालों को बाहर करना होना चाहिए। उनके अनुसार, यही देश की जनता के ‘मन की बात’ है।
📝 बैठक के अन्य प्रमुख निर्णय
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में 22 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें प्रमुख निर्णय ये रहे:
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NEET-CBSE विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग।
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पत्र: मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया (वोट लूट के मुद्दे) को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का फैसला।
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रणनीति: 2029 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए समय रहते पीएम चेहरा घोषित करने पर जोर।
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