रतलाम : दुनिया कहां से कहां पहुंच गई लेकिन कुछ लोगों की सोच अभी भी वहीं की वहीं है. ऊंची जाति और निचली जाति के बीच भेदभाव के मामले अक्सर सामने आते हैं. ऐसा ही मामला रतलाम जिले से सामने आया है. रतलाम जिले के बड़ावदा थाना क्षेत्र में दबंगों ने दलित की बारात रोक दी. घटना सोमवार रात की है, जहां दबंगों के मोहल्ले से दलित परिवार की बारात निकल रही थी.
बारातियों को धमकाने और गाली देने का आरोप
दलित की बारात निकलने के दौरान कुछ लोगों ने आकर विवाद किया. ये लोग अपने घर के आगे से बारात नहीं निकलने देने पर अड़ गए. इसके बाद मामला पुलिस थाने पहुंचा. पुलिस सुरक्षा के बीच बारात निकाली गई. पुलिस पहरे में दलित परिवार की बेटी की शादी संपन्न हो सकी. बारात रोकने की घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है. इसमें कुछ लोग बारात को आगे नहीं जाने दे रहे हैं. बड़ावदा थाना पुलिस ने बारात रोकने और विवाद करने के आरोप में 5 लोगों के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट का प्रकरण दर्ज किया है.
दलित परिवार ने पुलिस को दी सूचना
लखमाखेड़ी गांव में सुरेश कटारिया की बेटी की शादी थी. गांव से दूल्हे की बारात निकल रही थी. आरोप है कि इसी बीच सोंधिया मोहल्ले में बद्री सिंह और बापू सिंह ने बारात को आगे जाने से रोक दिया और गालीगलौज करने लगे. इसी दौरान कुशाल सिंह, कुलदीप सिंह और गोविंद सिंह भी मौके पर आए और उन्होंने भी धमकाते हुए कहा “तुम लोग हमारे घरों के सामने से बारात नहीं निकाल सकते.” पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत बड़ावदा थाने में की.
वीडियो फुटेज के आधार एफआईआर दर्ज
दलित परिवार की शिकायत मिलने पर थाना प्रभारी स्वराज डाबी पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और पुलिस सुरक्षा के बीच बारात निकालकर मंडप तक पहुंचाई. शादी रस्में भी पुलिस सुरक्षा में ही संपन्न करवाई गईं. रतलाम जिले में इससे पूर्व आलोट क्षेत्र में बारात रोकने और दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने देने की घटना सामने आई थी.
इस मामले में रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया “बारात रोकने के मामले में 5 आरोपियों के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है. वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है.”
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