ब्रिक्स समिट के चलते 11 सितंबर को दिल्ली में अवकाश: उपराज्यपाल ने जारी किया नोटिफिकेशन

दिल्ली

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की भव्य तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 11 सितंबर को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए छुट्टी का ऐलान किया। जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) के अधीन आने वाले सभी सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में 11 सितंबर (शुक्रवार) को पूर्ण अवकाश रहेगा।

🏢 केंद्र सरकार के कार्यालय भी रहेंगे बंद: भारत मंडपम में जुटेंगे 30 देशों के प्रतिनिधि

सम्मेलन का दायरा और प्रशासनिक निर्णय:

  • केंद्रीय दफ्तरों में भी छुट्टी: दिल्ली सरकार के साथ-साथ राजधानी में स्थित केंद्र सरकार के सभी प्रशासनिक कार्यालय भी 11 सितंबर को बंद रहेंगे।

  • शिखर सम्मेलन की तिथियां: दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर ‘भारत मंडपम’ में 12 और 13 सितंबर को मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होना है।

  • वैश्विक भागीदारी: इस बहुपक्षीय मंच पर लगभग 30 ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी राष्ट्रों के शीर्ष नेता, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुख तथा भारत सहित सदस्य देशों के प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शिरकत करेंगे।

🚦 सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक एडवाइजरी: 35 सड़कों पर विशेष डायवर्जन

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन:

  • ट्रैफिक रिहर्सल: शिखर सम्मेलन की सुरक्षा और वीवीआईपी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा व्यापक ट्रैफिक अभ्यास किया गया, जिसमें 35 से अधिक प्रमुख सड़कों और 22 वैकल्पिक मार्गों को शामिल किया गया।

  • मध्य दिल्ली में पाबंदियां: मध्य दिल्ली और भारत मंडपम के आसपास के इलाकों में यातायात को नियंत्रित किया गया है तथा कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है, ताकि आम नागरिकों और वीवीआईपी मूवमेंट में टकराव न हो।

🇮🇳 भारत चौथी बार कर रहा है ब्रिक्स की मेजबानी: 25 शहरों में हुईं 350 से ज्यादा बैठकें

भारत की अध्यक्षता और उपलब्धियां:

  • व्यापक आयोजन: भारत ने अपनी वर्तमान अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक महत्वपूर्ण बैठकों और नीतिगत वार्ताओं का सफल आयोजन किया है।

  • तीन प्रमुख स्तंभ: इन सभी वार्ताओं का केंद्र तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं—राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी, तथा सांस्कृतिक व जन-जन के बीच संवाद।

  • पूर्व की मेजबानी: ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत इससे पहले वर्ष 2012, 2016 और 2021 में भी इस प्रतिष्ठित शिखर सम्मेलन की सफल अध्यक्षता कर चुका है।

🌐 पुतिन, गुटेरेस और पेजेशकियन के शामिल होने की उम्मीद: शी जिनपिंग पर निगाहें

सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख वैश्विक नेता:

  • वैश्विक नेताओं की मौजूदगी: रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस सम्मेलन में विशेष रूप से शामिल होंगे।

  • रूसी और ईरानी राष्ट्रपति: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के भी व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में भाग लेने की प्रबल संभावना है।

  • चीनी नेतृत्व पर चर्चा: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

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