हिसार इंडस्ट्रियल क्लस्टर: हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस पूरी तरह माफ

हरियाणा

राज्य सरकार ने हिसार में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (AKIC) के तहत विकसित होने जा रहे एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (IMC) प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए ट्रांसफर की गई कुल 2,988 एकड़ भूमि पर लगने वाले पूरे स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्री फीस को माफ कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय से प्रोजेक्ट की लागत में बड़ी कमी आएगी और विकास कार्यों में तेजी देखने को मिलेगी। यह जमीन राज्य नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम लिमिटेड के पक्ष में ट्रांसफर की गई है।

🏗️ प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और अगले चरण

यह औद्योगिक क्लस्टर हिसार और आसपास के इलाकों में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। प्रोजेक्ट अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। भूमि अधिग्रहण, विभागों के बीच जमीन का ट्रांसफर, टैक्स माफी और पर्यावरण संबंधी सभी जरूरी क्लीयरेंस मिल चुके हैं। अगले चरण में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके बाद उद्योगपतियों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

🚀 हरियाणा को कैसे मिलेगा आर्थिक लाभ: निवेश और रोजगार

हिसार एयरपोर्ट के पास बनने वाले इस एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से हरियाणा को आर्थिक, औद्योगिक और रोजगार के क्षेत्र में जबरदस्त लाभ होगा। यह प्रोजेक्ट हरियाणा को उत्तर भारत का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बना सकता है। अनुमान के अनुसार, इससे करीब सवा लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे और 32 हजार करोड़ से अधिक का निवेश आने की संभावना है। महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के निकट होने और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित होने के कारण यह प्रोजेक्ट एयरोस्पेस, डिफेंस विमान रखरखाव और रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा, जिससे स्थानीय छोटे उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

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