धौलपुर (राजस्थान): राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल ‘दमोह झरना’ पर शनिवार को अफरा-तफरी मच गई। पिकनिक मनाने पहुंचे लगभग 70 से 100 युवक अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण झरने के बीच रास्ते में फंस गए। ऊपरी पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते झरने का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। देखते ही देखते चारों ओर पानी का तेज सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे युवकों का पैदल वापस लौटना पूरी तरह असंभव हो गया और वे टापू जैसी स्थिति में घिर गए।
🚨 प्रशासनिक अमला और SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, ग्रामीणों ने भी दिया साथ
घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी (SDM) सहित प्रशासनिक अधिकारी, सरमथुरा थाना पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर राहत-बचाव अभियान में प्रशासन और पुलिस का सक्रिय सहयोग किया।
🚜 रस्सियों और ट्रैक्टरों की मदद से रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, सभी युवक सुरक्षित निकाले गए
शाम ढलने और अंधेरा छा जाने के बावजूद बचाव दल ने कई घंटों तक बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा।
तेज धार के बीच रस्सियों को बांधकर और भारी ट्रैक्टरों की सहायता से पानी के बहाव को नियंत्रित करते हुए फंसे हुए युवकों को एक-एक करके सुरक्षित किनारे लाया गया। देर रात तक चले इस संयुक्त अभियान के बाद सभी युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा संभावित हादसा टल गया।
📢 प्रशासन और पुलिस की सख्त अपील: भारी बारिश में जोखिम भरे पर्यटन स्थलों से दूर रहें
सफल रेस्क्यू के बाद सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश चंद ने पर्यटकों और आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील जारी की है।
थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि मानसूनी बारिश के कारण नदी-नालों, रपटों और झरनों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस मौसम में दमोह झरना या अन्य संवेदनशील एवं जोखिम भरे पर्यटन स्थलों पर जाने से बचें और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad