13 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली. यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है. विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और हालिया तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली की वजह से कीमती धातुओं के दाम पर दबाव आया है.
MCX पर सोना-चांदी में गिरावट
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना करीब 0.3% गिरकर लगभग ₹1,59,800 प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी करीब 0.7% गिरकर ₹2,66,000₹2,67,000 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करती दिखी.
इससे पहले इसी महीने ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग बढ़ी थी, जिससे सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति
वैश्विक बाजार में कीमतें थोड़ी मजबूत बनी हुई हैं. स्पॉट गोल्ड $5,100 प्रति औंस के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि स्पॉट सिल्वर करीब $85 प्रति औंस के आसपास है. इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का रुझान अभी भी मजबूत बना हुआ है.
क्यों आ रहा है दबाव
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के कारण सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश की मांग कम हो जाती है. इसके अलावा निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली भी की है. बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से कई निवेशकों ने कैश जुटाने के लिए अपनी पोजिशन भी कम की.
ब्याज दरों को लेकर चिंता
ईरान से जुड़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी है. इससे यह उम्मीद भी मजबूत हुई है कि Federal Reserve जैसे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं.
आगे क्या रहेगा ट्रेंड
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया गिरावट को शॉर्ट टर्म करेक्शन माना जा सकता है. भू-राजनीतिक जोखिम, महंगाई की चिंता और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारणों से लंबी अवधि में सोना और चांदी का रुख सकारात्मक बना रह सकता है. हालांकि आने वाले समय में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि निवेशक डॉलर, ब्याज दरों और वैश्विक बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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