हजारीबाग प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की राजस्व समीक्षा, दिए कई निर्देश

झारखण्ड

धनबाद: हजारीबाग प्रमंडलीय आयुक्त पवन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय के सभागार में राजस्व कार्यशाला का आयोजन किया गया. आयुक्त ने कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के तरीकों से सभी को अवगत कराया. कार्यशाला के दौरान आयुक्त ने लंबित दाखिल खारिज के मामले, दोहरी जमाबंदी, गैर मजूरवा भूमि को कब्जा मुक्त कराने सहित अन्य विषयों की जानकारी दी.

आयुक्त ने कहा कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कई नए आदेश आए हैं. जिसके लिए कई चुनौतियां हैं. विभिन्न प्रावधानों की जानकारी नहीं रहने के कारण कई बार त्रुटिपूर्ण आदेश पारित हो जाते हैं. जिसका लाभ जमीन के अवैध कब्जाधारियों को मिल जाता है. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को भू-अर्जन, मुआवजा, जमाबंदी के सारे प्रावधानों से अवगत कराया. साथ ही बिना किसी ऑब्जेक्शन वाले दाखिल खारिज को 30 दिन में निष्पादित करने का निर्देश दिया.

कार्यशाला के दौरान आयुक्त ने रेवेन्यू एक्ट, सीएनटी एक्ट, वन पट्टा, लैंड सीलिंग एक्ट, जंगल झाड़ी जमीन, इंडियन फारेस्ट एक्ट 1927, इंडियन फारेस्ट एक्ट 1980, कैंटोनमेंट एरिया, नोटिफाइड एरिया, खासमहाल जमीन की प्रकृति व प्रक्रिया, वाटर बॉडीज एक्ट, परिशोधन पोर्टल, खतियान एवं रजिस्टर 2 की प्रविष्टियों का महत्व, फारेस्ट कंजर्वेशन एक्ट सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक बताया.

उन्होंने कहा कि मैनपावर की कमी से पूरा राज्य जूझ रहा है. मैनपावर की कमी को दूर करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन जितने कर्मी है, उनसे बेहतर कार्य कराने की दिशा में प्रयास जारी है.

वहीं केन्दुआडीह गैस रिसाव मामले को लेकर कहा कि भूगर्भ में गैस बनते रहते हैं. वह भी निकासी के मार्ग तलाशते हैं. जिसके बाद गैस रिसाव शुरू हो जाता है. धनबाद में यह कोई पहली घटना नहीं है. राज्य के मुख्य सचिव ने खुद निरीक्षण किया है. उन्होंने मामले पर अपना निर्णय भी लिया है. प्रक्रिया चल रही है, आगे की किस तरह से कवायद की जाए.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry